कोरोना को लेकर लोकसभा में मोदी सरकार पर विपक्ष का हमला, 564 केस थे तो लगाया लॉकडाउन, 54 लाख पर हटा दिया
नई दिल्ली। भारत समेत दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों में कोरोना वायरस का खौफ देखने को मिल रहा है। अभी तक 3.07 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। यह वायरस 9.56 लाख से ज्यादा संक्रमितों की जिंदगी छीन चुका है। भारत में भी हर रोज कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 54,00,619 हो गई है। पिछले 24 घंटों में (शनिवार सुबह 8 बजे से लेकर रविवार सुबह 8 बजे तक) कोरोना के 92,605 नए मामले सामने आए हैं।

रविवार को लोकसभा में भी कोरोना को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। विपक्षी दलों ने कोरोना को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ नारा लगाया। विपक्ष ने कहा "अनियोजित" लॉकडाउन, मामलों की बढ़ती संख्या, प्रवासी संकट और अर्थव्यवस्था पर इस सब के दुर्बल प्रभाव। शशि थरूर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे विपक्षी खेमे का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने इस बात की तीखी आलोचना की और एक्सपर्ट परामर्श के बिना एकतरफा निर्णय लेने और एक जानबूझकर लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों को धोखा देने के लिए सरकार के पक्षधर होने का आरोप लगाया।
थरूर ने कहा कि दुनिया के देश वायरस संक्रमण के टॉप पर पहुंचने वाले थे लेकिन उन्होंने कंट्रोल कर लिया। वो या तो अर्थव्यवस्था को बनाए रखने या वायरस को नियंत्रित करने में कामयाब रहे। "हम सबसे खराब स्थिति के पोस्टर ब्वॉय हैं - हम केवल वही हैं जो न तो अर्थव्यवस्था और न ही वायरस का प्रबंधन करते हैं। हमारी पास जीडीपी गिर रही है। थरूर ने कहा कि हमने लॉकडाउन उस वक्त लगाया जब सिर्फ 564 केस थे और जब 54 लाख से उपर केस हो गए तो हमने लॉकडाउन हटाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि महामारी ने आखिरकार "सरकार को अपना चेहरा छिपाने का बहाना" दिया है।












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