One Nation One Election: प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट की हां, लेकिन क्या चिराग पासवान देंगे साथ?
Chirag Paswan on One Nation One Election Stand: मोदी कैबिनेट ने एक देश-एक चुनाव के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है। संसद में इसे शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। ऐसे में क्या एनडीए सरकार के सहयोगी दलों का इसमें साथ मिलेगा? हालांकि जेडीयू ने इसकी वकालत की है, ऐसे में चिराग पासवान का इसमें क्या स्टैंड रहेगा?
चिराग पासवान, जो लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख हैं और मोदी सरकार के एक महत्वपूर्ण सहयोगी भी माने जाते हैं, उन्होंने हाल के समय में कुछ विधेयकों पर केंद्र सरकार से अलग रुख अपनाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वो 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के मुद्दे पर भी सरकार का समर्थन करेंगे?

जाति जनगणना की वकालत
हाल ही में संसद में कई महत्वपूर्ण बिलों पर चिराग पासवान ने अपने विचारों को स्पष्ट रूप से रखा है। हालांकि उनके दल की भूमिका छोटे सहयोगी के रूप में है, लेकिन चिराग की राजनीति में एक अलग पहचान बन चुकी है। उनकी पार्टी ने कुछ मामलों में NDA के अन्य सहयोगियों से अलग रुख अपनाया, जैसे महिला आरक्षण बिल और SC/ST अधिकारों से जुड़े मुद्दे। इसी के साथ उन्होंने जाति जनगणना की वकालत की है। ऐसे में सवाल उठता है कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनकी क्या रणनीति होगी।
मोदी सरकार का प्रमुख एजेंडा
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो देशभर में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की वकालत करता है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य चुनावी खर्चों को कम करना और प्रशासनिक सुगमता लाना है। लेकिन यह भी सच है कि कई विपक्षी दल इसे लोकतंत्र के लिए खतरा मानते हैं और इसे विविधता का दमन करने वाला कदम बता रहे हैं।
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का समर्थन
चिराग पासवान के लिए यह निर्णय आसान नहीं होगा। एक तरफ वो NDA के लंबे समय से सहयोगी रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके हाल के रुख ने ये संकेत दिया है कि वो अपने मतदाताओं की आवाज को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में, अगर चिराग 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का समर्थन करते हैं, तो ये उनके NDA में बने रहने का संकेत हो सकता है।
लेकिन अगर वो इससे अलग रुख अपनाते हैं, तो यह उनके राजनीतिक दृष्टिकोण में एक नया मोड़ हो सकता है। हालांकि खुद उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 'एक राष्ट्र , एक चुनाव' का पुरजोर समर्थन करती है। इसी के साथ उन्होंने यह भी दोहराया था कि जब तक इस पर मसौदा उनके सामने नहीं रखा जाता, तब तक वह कोई रुख नहीं अपना सकते।












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