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सर्जिकल स्‍ट्राइक के समय DGMO रहे ले. जनरल रणबीर सिंह अब नॉर्दन आर्मी कमांडर, ले.जनरल अनबू उप-सेना प्रमुख

By Richa Bajpai
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    नई दिल्‍ली। लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह अब नॉर्दन कमांड के जनरल-ऑफिसर-इन-कमांड होंगे यानी जीओसी बनकर अब उन्‍हें कमान की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है। लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबू जो अब तक इस पद पर थे अब बतौर उप-सेना प्रमुख अपनी जिम्‍मेदारी संभालेंगे। अगर आपको लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह के बारे में नहीं मालूम है तो आपको बता दें कि सितंबर 2016 में जब सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई थी तो वह उस समय डीजीएमओ यानी डायरेक्‍टर जनरल ऑफ मिलिट्र ऑपरेशंस थे। जैसे ही मीडिया में इंडियन आर्मी के स्‍पेशल पैरा-कमांडोज के एलओसी पार चलाए गए सर्जिकल ऑपरेशन के बारे में जानकारी आई तो उस समय डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह भी चर्चा में आ गए। रणबीर सिंह हर पल की जानकारी मीडिया को दे रहे थे।

    स्‍ट्राइक कोर को कर चुके हैं लीड

    स्‍ट्राइक कोर को कर चुके हैं लीड

    लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह को सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद अब मथुरा स्थित 1 स्‍ट्राइक कोर का जिम्‍मा दिया गया था। वह पिछले करीब दो वर्षों से इसकी जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे। 1 स्‍ट्राइक कोर देश की तीन असॉल्‍ट फोर्सेज में से एक है। यह फोर्स किसी भी समय पाकिस्‍तान में जाकर हमला करने के मकसद से तैयार की गई है। जम्‍मू कश्‍मीर में ले. जनरल रणबीर सिंह का जाना एक बड़े रणनीति‍क कदम के तौर पर देखा जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सेना की नॉर्थ-ईस्‍ट स्थित 181 माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर भी रहे चुके हैं। उन्‍हें साल 2010 में युद्ध सेवा मेडल से सम्‍मानित किया जा चुका है।

    ले. जनरल अनबू को मिली बड़ी जिम्‍मेदारी

    ले. जनरल अनबू को मिली बड़ी जिम्‍मेदारी

    सिख लाइट इंफेंट्री के लेफ्टिनेंट जनरल अनबू अब उप-सेना प्रमुख का जिम्‍मा संभाल लिया है। वर्तमान उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल शरथ चंद गुरुवार को रिटायर हो चुके हैं। उप-सेना प्रमुख पर 1.3 मिलियन की क्षमता वाली सेना से जुड़ी नीतियों को बनाने और उनके निर्धारण का जिम्‍मा होता है। इस पद के साथ ही वह सेना प्रमुख की रेस में भी शामिल हो गए हैं।

    सर्जिकल स्‍ट्राइक में तोड़ी परंपरा

    सर्जिकल स्‍ट्राइक में तोड़ी परंपरा

    ले.जनरल रणबीर सिंह सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद इंडियन आर्मी के 'मैन ऑफ द मूवमेंट' बन गए थे। 59 वर्षीय ले.जनरल सिंह को उनके करीबी एक बुद्धिमान सैनिक और एक जेंटलमैन ऑफिसर मानते हैं। इंडियन आर्मी की पिछली परंपराओं को तोड़ते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने इंडियन आर्मी की सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स की पूरी योजना तैयार की और फिर मीडिया को भी खुद ही ब्रीफ किया। ऐसा पहली बार है जब किसी डीजीएमओ ने खुद किसी ऑपरेशन के बारे में आगे आकर मीडिया को ब्रीफ किया। कारगिल की जंग के समय भी सेना प्रवक्‍ता की ओर से ही मीडिया को जानकारी मिलती थी।

    दिसंबर 1980 में हुए कमीशंड

    दिसंबर 1980 में हुए कमीशंड

    जनरल सिंह पंजाब के जालंधर के रहे वाले हैं और उन्‍होंने कपूरथला के सैनिक स्‍कूल से पढ़ाई की है। 13 दिसंबर 1980 को वह इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आइएमए) से पास हुए और फिर 9 डोगरा रेजीमेंट उन्‍हें कमीशन मिला। जिसे उन्‍होंने बाद में कमांड भी किया। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह के पिता की मृत्‍यु के बाद उनके चाचा कर्नल मनमोहन सिंह ने उनका पालन-पोषण किया। वह तमिलनाडु के वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्‍टाफ कॉलेज से ग्रेजुएट हो चुके हैं। इसके बाद ही उन्‍होंने 9 डोगरा की कमान संभाली थी। ब्रिगेड कमांड करने के बाद वह यूनाइटेड किंगडम (यूके) गए और यहां पर उन्‍होंने रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंज स्‍टडीज में एक वर्ष का कोर्स किया।

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    English summary
    Lieutenant General Devraj Anbu took over as Vice Chief of Army Staff and Lieutenant General Ranbir Singh took over as General Officer Commanding-in-Chief Northern Command.

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