बैंक हड़ताल के बाद आज LIC के कर्मचारी रहेंगे हड़ताल पर, जानिए क्या है मांग और क्यों कर रहे हैं स्ट्राइक
बैंक हड़ताल के बाद आज LIC के कर्मचारी रहेंगे हड़ताल पर, जानिए क्या है मांग और क्यों कर रहे हैं स्ट्राइक
नई दिल्ली: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के कर्मचारियों ने आज यानी गुरुवार ( 18 मार्च) को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। एलाआईसी के कर्मचारी गुरुवार को हड़ताल पर रहेंगे। लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन का ये हड़ताल एक दिन का ही होने वाला है। एलआईसी कर्मचारियों का ये हड़ताल एलआईसी के विनिवेश से जुड़े सरकार के प्रस्ताव के विरोध में है। ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईआईईए) ने कहा कि उन्होंने केंद्रस के तीन प्रस्ताव के खिलाफ उद्योग में अन्य ट्रेड यूनियनों के साथ हड़ताल का आह्वान किया है क्योंकि वे बीमा उद्योग, देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के हित में नहीं थे।
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आखिर क्यों LIC के कर्मचारी कर रहे हैं हड़ताल?
बजट 2021-22 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते वक्त इस बात की घोषणा की थी कि एलआईसी की प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लाया जाएगा। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और वित्तीय संस्थानों में बिक्री से 1.75 लाख करोड़ विनिवेश लक्ष्य टारगेट किया जाएगा।
सरकार के स्वामित्व वाले भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शुरुआत 1956 में हुई थी। इसमें लगभग 114,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसमें पॉलिसी धारक की संख्या 29 करोड़ से ज्यादा है।
क्या है LIC के कर्मचारियों की मांग?
एलआईसी के कर्मचारी और अधिकारी 18 मार्च को हड़ताल में हिस्सा में लेंगे। इस बात की जानकारी एआईआईईए के महासचिव श्रीकांत मिश्रा दी है। एआईआईईए के महासचिव श्रीकांत मिश्रा ने कहा, ''प्रस्तावित विनिवेश एलआईसी के निजीकरण की दिशा में पहला कदम है। आईपीओ "इसके निर्माण के बहुत उद्देश्यों" का उल्लंघन होगा।''
एलआईसी के कर्मचारियों की मांग है कि केंद्र सरकार एलआईसी का आईपीओ ना लाए। इसके अलावा पीएसयू और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस में हिस्सेदारी ना बचे।
15 और 16 मार्च को बैंक कर्मचारियों भी थे हड़ताल पर
इससे पहले 15 और 16 मार्च को दो दिन बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर थे और बैंक बंद थे। देशभर में दो बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने 15 मार्च और 16 मार्च को हड़ताल किया था। जिसमें 10 लाख बैंक कर्मचारी शामिल हुए थे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालांकि इस बात पर सफाई देते हुए कहा है कि सरकार कर्मचारियों को पूरा ध्यान रखेंगी। सरकार इस बात को सुनिश्चत करेगी कि बैंक के कर्मियों के हित के साथ कोई समझौता ना हो। निर्मला सीतारमण ने बयान में कहा, देश में हमारे पास कई ऐसे बैंक हैं, जिनका प्रदर्शन शानदार है। लेकिन ऐसे भी बैंक है प्रदर्शन निराशाजनक है। हमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के आकार के देश में अन्य बैंक की जरूरत है ताकी देश जरूरतों को पूरा किया जा सके।












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