सेना की तुलना लाठी लिए और खाकी पैंट पहने युवाओं के समूह से नहीं हो सकती: शशि थरूर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो देश के लिए लड़ने की खातिर आरएसएस के पास तीन दिन के भीतर 'सेना' तैयार करने की क्षमता है
नई दिल्ली। सेना पर दिए संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने संघ प्रमुख से मांफी मांगने के की मांग की है। इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सेना से संबंधित संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा है, 'भारतीय सेना की तुलना हाथों में लाठी लिए और खाकी पैंट पहने युवाओं के समूह से नहीं हो सकती।' उन्होंने कहा कि मोहन भागवत के बयान को सुनकर वह काफी हैरान हैं। थरूर ने कहा कि सेना को राजनीति से दूर रखना चाहिए।

मोहन भागवत ने ये कहा था
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो देश के लिए लड़ने की खातिर आरएसएस के पास तीन दिन के भीतर 'सेना' तैयार करने की क्षमता है। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने उनकी आलोचना शुरू कर दी है। अपनी छह दिवसीय मुजफ्फरपुर यात्रा के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि सेना को सैन्यकर्मियों को तैयार करने में छह-सात महीने लग जाएंगे, लेकिन संघ के स्वयं सेवकों को लेकर यह तीन दिन में तैयार हो जाएगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तारीफ करते हुए भागवत ने कहा कि 'यह हमारी क्षमता है पर हम सैन्य संगठन नहीं, पारिवारिक संगठन हैं लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सेना जैसा अनुशासन है। अगर कभी देश को जरूरत हो और संविधान इजाजत दे तो स्वयं सेवक मोर्चा संभाल लेंगे।'

आरएसएस प्रमुख का भाषण हर भारतीय का अपमान है
वहीं भागवत की इस टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। राहुल ने लिखा है कि- 'आरएसएस प्रमुख का भाषण हर भारतीय का अपमान है, यह उन लोगों का अपमान है, जो हमारे देश के लिए शहीद हो चुके हैं। यह हमारे ध्वज का अपमान है क्योंकि प्रत्येक सिपाही ध्वज को सलााम करता है। हमारे शहीदों और हमारी सेना का अपमान करने के लिए श्री भागवत को शर्म आनी चाहिए।'

मोहन भागवत सेना से माफी मांगे
उत्तर प्रदेश स्थित आगरा में सपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि आरएसएस प्रमुख ने देश की सेना का मनोबल गिराने वाला बयान दिया है। आरएसएस को देश की सेना से बढ़कर बताया है जो अपने आप में देश की सेना का बड़ा अपमान है। सपा नेताओं ने मांग की है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सेना से माफी मांगे। आगरा सपा कार्यालय पर पुतला फूंकने वाले सपा नेताओं ने कहा कि यदि आरएसएस की ओर से माफी नहीं मांगी गई तो मोहन भागवत के आगरा आने पर विरोध किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications