BIG NEWS: 2:30 बजे याकूब की याचिका पर फिर बैठी SC, पर नहीं बदला फैसला
नयी दिल्ली। मुंबई हमलों के गुनहगार याकूब मेनन की फांसी पर सस्पेंस बरकरार है। याकूब की फांसी टालने के लिए देर रात सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नबंर चार में सुनवाई सुरु की गई। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा याकूब की दया खारिज किए जाने के बाद अचानक एक नया मोड आ गया है।

घटनाक्रम पर एक नजर
4:50 बजे। सुप्रीम कोर्ट ने याकूब की फांसी पर फैसला बरकरार रखा। तय वक्त पर ही होगी फांसी
4:50 बजे। याकूब मेनन को पूरा वक़्त दिया गया- जस्टिस दीपक मिश्रा
4:48 बजे। 2014 में ही याकूब की दया याचिका खारिज हो चुकी है।
4:46 बजे। जज दीपक मिश्रा ने कहा कि 13 जुलाई को ही याकूब के परिवार को जानकारी दे दी गई थी।
4:40 बजे। जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि याचिका में कोई नई बात नहीं है।
4:40 बजे। जज लिख रहे हैं फैसले की कॉपी। चंद पलों में फैसले का ऐलान।
4:35 बजे। चंद पलों में याकूब की फांसी पर आएगा फैसला।
4:27 बजे। जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि इस अर्जी में नया कुछ भी नहीं
4:10 बजे। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अगर बार-बार दया याचिका दायर की जाएगी तो कभी फांसी पर कभी भी अमल नहीं किया जा सकता है।
4:00 बजे। याकूब के वकीलों की दलीलों को खारिज करते हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि बार-बार दया याचिका दायर करना सिस्टम के साथ मजाक हैं।
3:45 बजे। याकूब की फांसी टालने के लिए वकील आनंद ग्रोवर ने दलील ली कि राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के बाद उसकी वजहों को पढ़ने के लिए कम से कम 7 दिन का वक्त चाहिए।
3:40 बजे। वकीलों ने महाराष्ट्र जेल के अधिनियम का भी हवाला दिया।
3:20 बजे। याकूब के वकील की गुजारिश पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच एक बार फिर फांसी टालने पर सुनवाई करने जा रही है।
3:20 बजे। देर रात 3:20 बजे सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नबंर 4 में सुनवाई शुरु हुई।
3:00 बजे। याकूब की फांसी की सजा पर 14 दिनों तक रोकने की मांग की है।
2:45 बजे। याकूब के वकील का मानना है कि दया याचिका खारिज करते वक्त नए तथ्यों पर विचार नहीं हुआ।
2:30 बजे। याकूब के वकील आनंद ग्रोवर, प्रशांत भूषण, इंदिरा जय सिंह समेत 30 वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक बार फिर सुनवाई करने के लिए राजी किया।
2:30 बजे। जस्टिस दीपक मिश्रा इस सुनवाई को लीड कर रहे है। तीन जजों की इस लार्जर बेंच में जस्टिस जस्टिस प्रफुल्ल पंत और जस्टिस अमिताभ रॉय शामिल हैं।
2:25 बजे। याकूब की ओर से वकील आनंद ग्रोवर पैरवी करेंगे। कोर्ट नंबर चार में होने वाली इस ऐतिहासिक सुनवाई के लिए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं।
क्या है दलील
याकूब की फांसी टालने के लिए उनके वकीलों की दलील है कि महाराष्ट्र जेल अधिनियम के तहत जिसको फांसी दी जा रही हो उसको कम से कम सात दिन पहले जानकारी दी जाए।
वहीं पूर्व रॉ अधिकारी बी रमन के कॉलम पर जिक्र होना जरुरी।












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