पापा ने ही खींची थी आरुषि की आखिरी फोटो, इसी कपड़े में मिली थी लाश

15 मई, 2008 की रात जन्मदिन मनाने को लेकर आरुषि अपने मम्मी-पापा से बात कर रही थी। इस दौरान उसने अपने गिफ्ट के बारे में पूछा तब पिता डॉ राजेश ने कैमरा दिखाया था। इसे उन्होंने ऑनलाइन खरीदा था। कैमरा देखकर आरुषि काफी खुश हो गई थी। फोटो खिंचवाने की शौकीन आरुषि ने नए कैमरे से भी एक फोटो लेने के लिए कहा था।
इस पर डॉ राजेश ने उसकी फोटो खींची थी। फोटो की डिटेल से पता चलता है कि इसे 15 मई की रात 10 बजकर तीन मिनट 39 सेकेंड पर लिया गया था। इस बारे में डॉ तलवार ने स्वयं बताया था कि अपनी पसंदीदा स्काई ब्लू टीशर्ट में फोटो देखकर वह काफी खुश हुई थी। आरुषि फोटो खिंचवाने की बेहद शौकिन थी।
आरुषि की अनगिनत तस्वीरें देखने पर सिर्फ एक ही बात जेहन में कौंधती है, वो बेहद जिंदादिल और खुशमिजाज लड़की थी। हर तस्वीर में धूप की तरह खिलखिलाती और अल्हड़ नदी की तरह घूमती फिरती लड़की। सिर्फ 14 साल की उम्र में इस लड़की की आंखों में न जाने कितने सतरंगी सपने थे। लेकिन अचानक एक दिन इन सपनों पर खून का रंग चढ़ा दिया गया।
पापा को आखिरी बार किया था आरुषि ने मेल
अपने पिता को भेजे ईमेल में आरुषि ने लिखा था कि मैं समझ सकती हूं कि आप बिल्कुल सही हैं। मैंने अपनी दोस्त बिंदु और श्रेया से सुना था कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है, इसलिए इसे ट्राई करना चाहती थी। अब मैं ऐसा नहीं करूंगी। यह जानकर आप कैसा महसूस कर रहे होंगे, मैं समझ सकती हूं। लेकिन यह सच है कि नई जनरेशन पहले से अलग है।
मुझे आप लोगों के साथ घूमना-फिरना, समय बिताना पसंद है क्योंकि आपके साथ रहते हुए मुझे 14 साल हो चुके हैं। आज तक जो भी आपने मुझे दिया उसके लिए धन्यवाद। मेरी एक हंसी ही आप लोगों के लिए काफी है। थैंक यू मॉम एंड डैड। टेक केयर। अंत में वह लिखती है कि इंप्रेशन जमाने के लिए क्या नहीं करना पड़ता।












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