Land For Job Scam: कोर्ट ने चार्जशीट की कॉपी आरोपियों को देने को कहा, अगली सुनवाई 8 मई को
राउज एवेन्यू कोर्ट में बुधवार को लैंड फॉर जॉब स्कैम की सुनवाई हुई। जिसके लिए रबड़ी देवी अपनी बेटी मीसा भारती के साथ पहुंचीं। अगली सुनवाई 10 मई को होगी।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। जमीन के बदले नौकरी (Land For Job Scam) मामले में आज (बुधवार) फिर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें हिस्सा लेने के लिए पूर्व सीएम राबड़ी देवी और आरजेडी सांसद मीसा भारती कोर्ट पहुंचीं। इस मामले में 15 मार्च को लालू, राबड़ी और मीसा को जनामत दी गई थी। उन्होंने इसके लिए 50 हजार का मुचलका भरा था।
सुनवाई के दौरान लालू परिवार के वकील ने अपना पक्ष रखा। इस पर कोर्ट ने सीबीआई से सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी।
ऐसे समझें पूरा मामला
दरअसल यूपीए की पहली सरकार में लालू यादव को रेल मंत्री बनाया गया। आरोप है कि उनके परिवार ने रेलवे में नौकरी के बदले धांधली की। उन्होंने लोगों से जमीन ली और उसके बदले में कई लोगों को नौकरी दी गई। इसी घोटाले को लैंड फॉर जॉब घोटाला कहा गया। बाद में सीबीआई ने इस केस का जिम्मा संभाला और पिछले साल चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई की जांच में भी ये बात सामने आई कि भर्ती प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए कई लोगों को नौकरी दी गई थी।
तेजस्वी से हुई थी 9 घंटे पूछताछ
हाल ही में सीबीआई ने बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद उनसे 9 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। एजेंसी ने जितने भी सवाल पूछे, उनको बकायदा रिकॉर्ड भी किया गया। जिसे कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किए जाएंगे। सीबीआई ने मेसर्स एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एबी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को लेकर भी तेजस्वी से कई सवाल पूछे। वैसे तो एबी एक्सपोर्ट कंपनी की वैल्यू 4 लाख रुपये की है, लेकिन नई दिल्ली के न्यू फ्रेंड कॉलोनी में उसका एक ऑफिस है, जिसकी कीमत 150 करोड़ रुपये है। इसी वजह से जांच की सुई तेजस्वी पर आई है।












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