लालू को 5 साल की जेल, 11 साल तक राजनीति से बाहर

11 साल तक नहीं लड़ पायेंगे चुनाव
इस सजा के बाद लालू यादव की संसद की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। यही नहीं अगले 11 साल तक लालू यादव चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे। यानी अगले 11 साल तक वो राजनीति से पूरी तरह बेदखल हो गये हैं।
सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा- खाली एक अदालत के फैसले के आधार पर वोट देने का अधिकार छीन लिया जाये या चुनाव लड़ने से रोक दिया जाना, गलत है। अभी दो और कोर्ट हैं- हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट। जिस दिन सुप्रीम कोर्ट सजा पर मुहर लगा दे, उस दिन चुनाव लड़ने से रोका जाना चाहिये।
सीबीआई के वकील ने कहा- बीएन शर्मा पांच साल की सजा और डेढ़ करोड़ रुपए जुर्माना, मुकेश श्रीवास्तव को चार साल, 15 लाख जुर्माना, दया त्रिपाठी को पांच साल डेढ़ करोड़ जुर्माना। कृष्ण मोहन को पांच साल, डेढ़ करोड़, श्रुति नारायण को डेढ़ करोड़ पांच साल। बृज भूषण को डेढ़ करोड़ जुर्माना।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता- हमारी मैडम राबड़ी देवी के नेतृत्व में हम जनता के समक्ष जायेंगे और लोगों को बतायेंगे कि जिसने पैसा लिया है, वो जेल के बाहर है। जिसने 45-45 एफआईआर दर्ज करायीं, वो खुला घूम रहा है, सिर्फ इसलिये क्योंकि सबूत नहीं मिला। हम हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट जायेंगे। फिर उसके आगे जनता की अदालत है, हम वहां जाएंगे। जनता की अदालत सबसे बड़ी अदालत है और नीतीश कुमार ने जो खेल खेला है, जनता को बतायेंगे उसके बारे में।
जदयू नेता संगमित्र ने कहा- सवाल सिर्फ लालू यादव की नहीं है, बल्कि पूरी राजनीति की बात करें, तो पहली बार किसी नेता को बड़ा कनविक्शन मिला है। खास बात यह है कि अब राजनीति में पारदर्शिता बढ़ेगी। अब कोई भी नेता गलत काम करने से पहले घबरायेगा।
कांग्रेस के राशिल अलवी ने कहा- चाहे राशिद मसूद हों या लालू यादव, इसमें सरकार का कोई लेना देना नहीं। कांग्रेस ने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ी। यह इसका सबूत है कि सीबीआई स्वतंत्र रूप से काम करती है।
इससे पहले सीबीआई की विशेष अदालत में गुरुवार को चारा घोटाला मामले पर बहस पूरी हो गई है। इस मामले में दोषी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के वकील ने उन्हें कम से कम सजा दिए जाने की अपील की है। लालू के वकील ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह की अदालत में कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं और समाज में उच्च स्थान पर हैं, लिहाजा उन्हें न्यूनतम सजा दी जानी चाहिए।
लालू प्रसाद के वकील ने कहा कि उनकी उम्र 67 साल है, वह कई तरह की बीमारियों से जूझ रहे हैं और वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। इधर, सीबीआई ने उनके लिए अधिकतम सजा की मांग की है ताकि इससे यह संकेत मिले कि बड़े पद पर आसीन व्यक्ति भी भ्रष्टाचार के मामले में बच नहीं सकता। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज ने लालू समेत सभी को न्यूनतम तीन साल की सजा सुनाई गई। कुल 45 लोगों में सबसे बड़ी सजा लालू यादव को ही सुनायी गई है।












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