Labor Codes 2025 FnF Settlement: लेबर लॉ में फुल एंड फाइनल के लिए सख्त नियम, अब इतने दिनों में होगा सेटलमेंट
Labor Codes 2025 FnF Settlement: आम तौर पर नौकरी छोड़ने के बाद के दिन सीमित आय वाले लोगों के लिए काफी मुश्किल भरे होते हैं। नई कंपनी ज्वाइन करने के बाद पहली सैलरी मिलने में वक्त लगता है और दूसरी कंपनी से फुल एंड फाइनल अटका रहता है। ऐसी स्थिति में बहुत से लोगों को क्रेडिट कार्ड या बचत के पैसों से काम चलाना पड़ता है। नियम के मुताबिक, 45 दिनों में फुल एंड फाइनल मिलना चाहिए लेकिन अक्सर इसमें 2 महीने से ज्यादा का वक्त लग जाता है।
फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट में होने वाली देरी का सामना प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को करना ही पड़ता है।। पहले कंपनियां फुल एंड फाइनल (FnF) प्रक्रिया पूरी करने में 30 से 45 दिन तक का समय लेती थीं। नए लेबर कोड में इस नियम में बदलाव किया है, जिसका लाभ सीधे तौर पर कर्मचारियों को मिलेगा।

Labor Codes 2025 FnF Settlement: ये बड़े बदलाव हुए
- नए लेबर लॉ 2025 के लागू होने के बाद फुल एंड फाइनल सेटलमेंट को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है।
- कंपनियों को अब कर्मचारी के आखिरी कामकाजी दिन के बाद सिर्फ 2 वर्किंग डे (48 घंटे) में पूरा बकाया भुगतान करना होगा।
- न्यू वेज कोड (Code on Wages, 2019) के सेक्शन 17(2) के अनुसार, अब कंपनियों को इस्तीफा, बर्खास्तगी या छंटनी किसी भी स्थिति में कर्मचारी का पूरा फाइनल पेमेंट दो दिन के भीतर देना अनिवार्य है।
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Labor Codes 2025 में फुल एंड फाइनल में ये सब शामिल है:
- बची हुई सैलरी
- ओवरटाइम
- बोनस
- बची हुई लीव का पैसा
कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
नए लेबर कोड के बाद दो दिन से ज्यादा देरी करने पर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। यह नियम हर कर्मचारी पर लागू होगा। पद या वेतन के आधार पर इसमें फर्क नहीं किया जाएगा। पहले एफएनएफ (FnF) से जुड़े त्वरित भुगतान के नियम केवल लोअर सैलरी वाले कर्मचारियों तक सीमित थे। अब यह नियम हर कर्मचारी चाहे वह वर्कर हो, मैनेजर हो या बड़ी कंपनी का सीईओ सभी पर लागू होगा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अब कंपनियां सैलरी लिमिट का बहाना लेकर भुगतान में देरी नहीं कर पाएंगी।
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