लोकसभा चुनाव में भाजपा-जेडीएस के गठबंधन का कुमारस्वामी ने किया इशारा? बोले- कुछ भी हो सकता है
जनता दल (सेक्युलर) Janata Dal (Secular) के मुखिया और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा (HD Deve Gowda) ने पहले दबे लब्जों में भाजपा के साथ गठबंधन करने का इशारा किया था। वहीं अब उनके बेटे और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एडी कुमारस्वामी (Kumaraswamy) ने भी मंगलवार को बातो बातों में कुछ ऐसा ही इशारा किया है।

बेंगुलरू में मंगलवार को मीडिया से रूबरू कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि मैं विशेष रूप से किसी का नाम नहीं लेना चाहता। कुछ भी हो सकता है. इसमें ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, संभवत: यह इसी साल के अंत में या संसद चुनाव के बाद होगा। इसके लिए हमें इंतजार करना होगा।
कुमारस्वामी का बयान पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के उस दावे के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने भविष्य में गठबंधन का संकेत दिया था। याद रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता येदुयरप्पा ने कहा था कि एचडी कुमारस्वामी जो भी कह रहे हैं वह बिल्कुल सच है और मैं उनके बयान का समर्थन करना चाहता हूं। कुमारस्वामी और हम भविष्य में एक साथ लड़ेंगे।
याद रहे कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार का सामना करने वाली भाजपा लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर अभी से विभिन राज्यों की छोटी बड़ी पार्टियों को अपने गठबंधन में शामिल करने की फिराक में है। इसकी वजह है कि देश की 15 से अधिक विपक्षी पार्टियां भााजपा के विरोध में लामबंद होकर विपक्षी मोर्चा तैयार कर चुकी हैं। 2014 में होने वाले चुनाव में जो पार्टियां कांग्रेस के साथ आ सकती हैं उनमें जनता दल सेक्युलर का नाम सबसे ऊपर है।
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए जेडीएस के संभवत: भारतीय जनता पार्टी से हाथ मिलाने की सुगबुगाहट चल रही है। मीडिया रिपोर्ट केे अनुसार कुमारस्वामी ने हाल ही में दिल्ली दौरा किया थाा इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी की थी।
याद रहे इससे पहले भाजपा-जेडीएस के संभावित गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर कुमारस्वामी ने 12 जून को कहा था कि लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी समझौते पर फैसला स्थिति आने पर लिया जाएगा और अभी उनके सामने चुनाव लड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
कुमारस्वामी के इस बयान के एक दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा था कि जेडीएस के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने भी ये ही कहा था कि आने वाले दिनों में देखेंगे राज्य स्तर पर कोई चर्चा नहीं हुई है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि राजनीति में भविष्य का अनुमान लगाना मुश्किल है।"
बता दें 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने कर्नाटक में कुल 28 सीटों में से 25 सीटें जीत हासिल की थी वहीं एक सीट पर उसके समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की। इसके अलावा कांग्रेस और जेडीएस ने महज एक-एक सीट पर जीत हासिल की थी।












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