सरकार के बचाव में उतरे आर्थिक सलाहकार, कहा- मंदी के बावजूद 5 फीसदी जीडीपी बुरी नहीं
नई दिल्ली। पहले से ही आर्थिक मंदी से जूझ रही केंद्र सरकार को आर्थिक विकास दर के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। इसके बावजूद मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, जीडीपी में गिरावट है लेकिन हम अभी भी 5 प्रतिशत के स्तर पर हैं और हम आगे विकास के पथ पर फिर आ जाएंगे। सरकार 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अग्र-सक्रिय रूप से कदम उठा रही है।

शुक्रवार को जीडीपी के आंकड़े सामने आने के बाद मीडिया से बात करते हुए सुब्रमण्यन ने कहा है कि 5 ट्रिलियन इकॉनमी के टारगेट पर पहुंचने के साथ शार्ट टर्म की परिस्थितियों से भी निपटने की जरूरत है। सरकार सक्रियता से इसके लिए कदम उठा रही है, वित्त मंत्री के हालिया एलानों में यह दिखता है। जीडीपी में गिरावट है लेकिन हम अभी भी 5 प्रतिशत के स्तर पर हैं और हम आगे विकास के पथ पर फिर आ जाएंगे। सरकार 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अग्र-सक्रिय रूप से कदम उठा रही है।
यह पूछे जाने पर कि ऐसा लगता है कि सरकार अर्थव्यवस्था को लेकर निराश है, लेकिन वह इससे इनकार कर रही है, कृष्णमूर्ति ने कहा, 'हम जिन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे प्रतीत होता है कि हम मंदी के दौर से गुजर रहे हैं, इसलिए हमें इस बात को लेकर सतर्क रहना है कि हम क्या बोल रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था की हालत खराब है, लेकिन इसके बावजूद हम पांच फीसदी की दर से आगे बढ़ रहे हैं।'
शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के आर्थिक विकास दर का आंकड़ा जारी कर दिया है, जो महज पांच फीसदी है। इसके साथ ही आर्थिक विकास दर साढ़े छह वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गई है। पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में आर्थिक विकास दर 5.8 फीसदी रही थी। देश में घरेलू मांग में गिरावट तथा निवेश की स्थिति अच्छी नहीं रहने से पहले से ही उम्मीद जताई जा रही थी कि जून तिमाही में विकास दर का आंकड़ा पहले से ज्यादा बदतर रहेगा।












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