कोलकाता में क्यों रोका गया भारतीय सेना का ट्रक? ममता सरकार पर लगा गंभीर आरोप
Kolkata Police vs Army Clash: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सेना और पुलिस के बीच टकराव ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। कोलकाता पुलिस ने सेना के ट्रक को तेज गति और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के आरोप में रोक दिया।
यह घटना राइटर्स बिल्डिंग के सामने हुई, जहां देखते ही देखते सड़क पर हंगामा मच गया। बता दे कि, सोमवार (2 सितंबर) को जहां सेना के जवानों ने तृणमूल कांग्रेस का मंच हटाकर विवाद खड़ा कर दिया था, वहीं अगले ही दिन सेना और पुलिस के बीच इस तनातनी ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ाई है, बल्कि ममता बनर्जी सरकार और सेना के रिश्तों में तनाव और गहराने के संकेत भी दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
कोलकाता में सेना और पुलिस के बीच टकराव की यह कहानी दरअसल दो दिनों की घटनाओं से जुड़ी है। सोमवार (1 सितंबर) को मेयो रोड पर तृणमूल कांग्रेस का भाषा आंदोलन का मंच लगाया गया था। फोर्ट विलियम से पहुंचे सेना के जवानों ने कोर्ट के आदेश से इस मंच को वहां से हटा दिया। इसी कदम से ममता बनर्जी सरकार और सेना के बीच तनातनी शुरू हो गई।
वहीं मंगलवार (2 सितंबर) को यह विवाद और गहराता दिखा, जब कोलकाता पुलिस ने राइटर्स बिल्डिंग के सामने सेना के एक ट्रक को रोक लिया। पुलिस का आरोप था कि ट्रक तेज रफ्तार में और खतरनाक तरीके से चलाया जा रहा था। इतना ही नहीं, ट्रक ने ट्रैफिक सिग्नल की भी अनदेखी की। इस दौरान संयोग से कोलकाता के मेयर मनोज वर्मा की गाड़ी भी उसी ट्रक के पीछे थी और वे लालबाजार की ओर जा रहे थे। ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा और नियम उल्लंघन का हवाला देते हुए सेना का ट्रक रोक दिया, जिसके बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई।
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पुलिस के आरोप को सेना ने किया इनकार
हालांकि सेना के जवानों ने इन आरोपों से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि ट्रक सामान्य रफ्तार से चल रहा था और उन्हें यह भी जानकारी नहीं थी कि मेयर की कार उनके पीछे थी। जवानों ने यह भी कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं दिख रहा था कि सड़क पर डिवाइडर कहां है और वे रेड लाइट के दूसरी ओर जा रहे थे।
इस बीच, CCTV फुटेज सामने आया, जिसमें यह साफ देखा गया कि मेयर की गाड़ी सेना के ट्रक से आगे निकल चुकी थी। इसके बाद ट्रक दाईं ओर मुड़ा, जबकि वहां "नो-राइट टर्न" का बोर्ड लगा हुआ था। इसी वजह से पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका। जैसे ही यह घटना हुई, सेना ने तुरंत फोर्ट विलियम मुख्यालय को सूचना दी। इसके बाद दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की।
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