जानिये क्या होता है हिट एंड रन केस और क्यों सलमान को हो सकती है 10 साल की सजा
मुंबई। सलमान खान के हिट एंड रन केस का आज 13 साल बाद फैसला आने वाला है। 2002 में एक रोड एक्सिडेंट के दौरान सलमान खान की कार फुटपाथ पर सो रहे लोगों पर चढ़ गयी थी, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गयी थी जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे। वहीं अगर सलमान खान के खिलाफ आरोप तय हुए तो कोर्ट उन्हें भारी जुर्माने के साथ 10 साल की सजा सुना सकती है।
क्या है हिट एंड रन
दरअसल जब रोड पर किसी कार की सड़क पर दुर्घटना होती है तो उस दुर्घटना स्थल पर रुके बिना वहां से भाग जाना को हिट एंड रन कहा जाता है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि कार का एक्सिडेंट किसी ऐसी चीज से होता है जो सड़क पर स्थित होती है जैसे फुटपाथ, सड़क पर खड़ी कोई कार या कोई भी ऐसी चीज को वहां अचल रुप से मौजूद हो।
दुर्घटना के बाद अगर आप अपनी पहचान छिपाने के मकसद से यदि आप दुर्घटना स्थल से फरार हो जाते हैं बावजूद इसके कि दुर्घटना स्थल पर किसी को आपकी आपात जरूरत हो। ऐसे में आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है।
संक्षेप में जानिये हिंट एंड रन और सलमान से जुड़ी धाराओं को
भारतीय दंड संहिता
धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या के चलते सलमान खान को 10 साल की जेल हो सकती है।
धारा 279 के तहत लापरवाह ड्राइविंग के चलते छह महीनें की जेल हो सकती है।
धारा 337, 338 घात चोट पहुंचाना, दूसरों की जिंदगी को खतरे में डालने के तहत 2 साल की सजा हो सकती है।
मोटर वेहिकल एक्ट
धारा 34ए, बी, सी के तहत गलत गाड़ी चलाने का मामला दर्ज होता है।
धारा 185 के तहत शराब पीकर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है।
बंबई नशाबंदी नियम
शराब के नशे में गाड़ी चलाने के चलते छह महीनें की सजा हो सकती है।
ऐसे मामलों क्या सजा हो सकती है
ऐसे मामलों में सजा का प्रावधान है इस बात पर निर्भर करता है कि हादसे में किसी को जान-माल का नुकसान हुआ है कि नहीं। अगर किसी के जान-माल को खतरा हुआ है तो सजा काफी बड़ी भी हो सकती है। वहीं यह बात भी इस मामले में अहम होती है कि जिस कार से हादसा हुआ है वह सडक के फुटपाथ पर चल रहे लोगों के साथ हुआ है या किसी वाहन पर बैठे व्यक्ति के साथ हुआ है।
ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ मामला दो श्रेणी में दर्ज किया जा सकता है। पहला सेक्शन 279 और दूसरा आईपीसी 304(A) और इंडियन मोटर वेहिकल एक्ट की धारा 134A, 134B के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।
वहीं कानूनी जानकारों की मानें तो अगर आरोपी हादसे के बाद घटनास्थल से भाग जाता है तो सजा के प्रावधान और भी कड़े हो सकते हैं। अगर कार चालक खराब तरीके से कार चला रहा है उसकी कार फुटपाथ पर चढ़ जाती है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 279 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। मामला कोर्ट में साबित होने पर आरोपी को 6 साल की सजा हो सकती है। हालांकि आरोपी को इस मामले में जमानत दी जा सकती है।
लेकिन अगर खराब गाड़ी चलाते समय अगर किसी की मौत हो जाती है तो आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इस धारा में आरोपी को कम से कम दो साल की सजा हो सकती है और भारी जुर्माना भी हो सकता है। वहीं अगर इस हादसे में कोई बुरी तरह घायल हो जाता है तो आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 338 के तहत मामला दर्ज किया जाता है, जिसमें कम से कम 2 साल की सजा के साथ भारी जुर्माने का प्रावधान है।
यही नहीं पुलिस संगीन मामलों में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत भी मामला दर्ज कर सकती है। जिसमें आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होता है और इसमें आरोपी को उम्रकैद या फांसी भी हो सकती है।













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