• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जानें आप तक सामान सुरक्षित पहुंचाने के लिए कितना प्‍लास्टिक होता हैं इस्‍तेमाल

|

बेंगलुरु। केन्‍द्र सरकार ने 2 अक्टूबर को महात्मागांधी की 150 वीं जयंती पर पूरे देश में सिंगल यूज प्‍लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध का फैसला भले ही टाल दिया हो लेकिन आपको क्या पता हैं की प्‍लास्टिक से सबसे ज्यादा कचरा हम उपभोक्‍ताओं की सहूलियत के कारण एकत्र हो रहा हैं। हम घर बैठे जो मोबाइल पर एक क्लिक पर ऑडर कर वस्‍तुएं मंगाते हैं वह आप तक सुरक्षित पहुंचे इसलिए उसकी पैकेजिंग में जमकर प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल होता हैं। सरकारी आकड़ों के अनुसार ई-कॉमर्स कंपनियां पैकेजिंग के लिए बड़ी मात्रा में प्लास्टिक इस्तेमाल करती हैं। देशभर में सालाना 1.78 करोड़ टन प्लास्टिक की खपत होती है। इसका 35% हिस्सा पैकेजिंग का है।

online

ई-कॉमर्स कंपनियां सामान को सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारी मात्रा में प्लास्टिक पैकेजिंग करती हैं। यह बाद में कचरा बन जाता है। प्लास्टिक का सबसे ज्यादा 35% इस्तेमाल पैकेजिंग के लिए किया जाता है। वहीं, मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की रिपोर्ट कहती है कि 70% प्लास्टिक पैकेजिंग प्रोडक्ट कुछ ही समय में प्लास्टिक कचरा बन जाते हैं। ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में पैकेजिंग की वजह से कितना प्लास्टिक कचरा निकलता है, इसक अभी कोई सर्वे नहीं किया गया लेकिन इससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है। आपको तो मालूम होगा कि ई-कॉमर्स कंपनियां कई परतों में पैकेजिंग करती हैं। इसमें प्लास्टिक, पेपर, बबल रैप, एयर पैकेट, टेप और कार्डबोर्ड कार्टून्स होते हैं। अगर ये रिसाइकल नहीं हो पाते तो कचरा बनकर पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। अभी ई-कॉमर्स कंपनियां प्रोडक्ट की डिलीवरी के बाद पैकेजिंग का कचरा इकट्ठा नहीं करतीं। लोग भी इन्हें फेंक देते हैं जो कूड़े में इजाफा करता हैं।

shoping

बता दें हमारे देश में पैकेजिंग इंडस्‍ट्री की ग्रोथ बहुत तेजी से हो रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्‍लास्टिक पैकेजिंग में 14 फीसदी से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई हैं। इसका प्रमुख कारण है ये ई कामर्स इंडस्‍ट्री का तेजी से बढ़ना हैं। बता दें भारत का हर नागरिक एक साल में लगभग 11 किलो प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल करता हैं। इमका मतलब प्रति व्‍यक्ति प्‍लास्टिक की खपत 11 किलो सालाना है।

ई-कॉमर्स कंपनियां ये कर सकती हैं उपाय

plastiv

कंपनियां ऐसे प्‍लास्टिक को कम कर सकती हैं

बेंगलुरु में वेस्ट मैनेजमेंट पर काम करने वाली गैर-सरकारी संस्था 'साहस जीरो वेस्ट'की फाउंडर विल्मा ने मीडिया को दिए अपने साक्षात्कार में ई-कॉमर्स कंपनियों को पैकेजिंग में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल को कम करने के उपाय सुझाए। उन्‍होंने कहा कि कंपनियों को प्लास्टिक मटैरियल का कम इस्तेमाल को कम करना चाहिए। कंपनियां छोटे-छोटे प्रोडक्ट्स की भी 2-3 परतों में पैकेजिंग करती हैं, जिसकी जरुरत नहीं होती है इसे कम करना चाहिए। इसके अलावा कंपनियों को प्लास्टिक, थर्माकॉल, बबल रैप आदि के विकल्प ढूंढने की जरूरत है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये हैं कि कंपनियों को ग्राहकों को दिए प्रोडक्ट का पैकेजिंग मटैरियल वापस लेकर उसे दोबारा इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए कंपनियां रिवर्स लॉजिस्टिक या बायपैक स्कीम शुरू कर सकती हैं।

amozon

अमेजन प्लास्टिक के विकल्पों को तलाश रहा

अमेजन ने पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले बबल बैग, पैकेजिंग मेलर्स, स्ट्रैच रैप और टेप के विकल्पों को तलाश रही हैं। इस साल की शुरुआत में कंपनी ने पैकेजिंग-फ्री शिपमेंट (पीएफएस) लॉन्च किया था। इसके तहत ग्राहकों को असल पैकेजिंग में ही प्रोडक्ट डिलीवर किया जा रहा है। यह सुविधा अभी 13 शहरों में शुरू कर दी गई है। अमेजन पैंट्री (स्टोर, जिससे ग्राहकों को अगले ही दिन डिलिवरी मिल जाए) के 60% ऑर्डर को टोट्स में डिलीवर किया जाता है।

flip

फ्लिपकार्टमल्टीयूज क्लॉथ जिपर बैग का करेंगी इस्‍तेमाल

फ्लिपकार्ट प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए कंपनी तीन उपायों पर काम कर रही है। पहला- ब्रांड्स की ओर से ई-कॉमर्स रेडी पैकेजिंग, इसमें ब्रांड्स अपने प्रोडक्ट की पैकेजिंग इस तरह करेंगे जिससे ई-कॉमर्स कंपनी उसे सुरक्षित डिलीवर कर सके और एक्स्ट्रा पैकेजिंग की जरूरत न पड़े। दूसरा- पैकेजिंग के लिए रिसाइकल्ड पेपर का उपयोग करेंगे। तीसरा- मल्टी यूज क्लॉथ जिपर बैग का इस्तेमाल करने की योजना बना रही हैं। पहले ही फ्लिपकार्ट ने कंपनी पैकेजिंग में पहले ही सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को 25% तक कम कर चुकी है। मार्च 2021 तक सप्लाई चेन में 100% रिसाइकल्ड प्लास्टिक का उपयोग किया जाएगा। पैकेजिंग में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए कंपनी ईको फ्रैंडली पेपर लिफाफे, पॉली पाउच की जगह रिसाइकल्ड पेपर बैग और बबल रैप्स-एयरबैग्स की जगह कार्टन वेस्ट श्रेडेड मटैरियल और 2 प्लाई रोल जैसे मटैरियल का उपयोग करने पर काम कर रही है।

बैन के बाद अब भूल जाइए प्‍लास्टिक की बोतल, ट्रेन में ऐसे मिलेगा आपको पीने का पानी

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Have you ever thought how much plastic is used to get your goods safely to you!
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more