उन सभी 11 अफसरों-जवानों के बारे में जानिए, जो सीडीएस बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर में सवार थे
नई दिल्ली, 9 दिसंबर: भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर हादसे में देश ने एक सर्वोच्च सैन्य जनरल सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के अलावा 11 अफसरों और सैनिकों को खो दिया है। लेकिन, इससे एक साथ कई परिवारों को इतनी बड़ी पीड़ा मिली है, जिस सदमे से उबरना बहुत मुश्किल है। हम यहां भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के उन सभी 11 जांबाज अफसरों-सैनिकों और उनके परिवारों के बारे में उनकी तस्वीरों के साथ कुछ खास जानकारी साझा कर रहे हैं। इस हादसे में देश ने अपने इन बहादुर सिपाहियों को तो खो ही दिया है, कई पत्नियों के सुहाग उजड़ गए हैं, कई बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है और देश सेवा के लिए निकला कई मां का लाल उसे हमेशा-हमेशा के लिए छोड़कर चला गया है।

ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर
ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर सीडीएस बिपिन रावत के डिफेंस एडवाइजर थे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के डिफेंस असिस्टेंट की भूमिका निभा रहे भारतीय सेना के यह ऑफिसर हरियाणा के पंचकूला के रहने वाले थे। बेहतरीन करियर रिकॉर्ड के लिए जाने वाले इस अधिकारी की पत्नी गीतिका और 16 साल की बेटी दिल्ली में रहती हैं। गीतिका स्कूल टीचर हैं। ब्रिगेडियर लिद्दर के पिता कर्नल मेहंगा सिंह भी सेना के रिटायर्ट अधिकारी थे।

लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह
सीडीएस रावत के साथ उस हेलीकॉप्टर में एक और स्टाफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह भी मौजूद थे, जो उसी 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेंट से ताल्लुक रखते थे, जिससे खुद सीडीएस का नाता था। मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर का परिवार अब दिल्ली में रहता है। वह सियाचिन ग्लेशियर से लेकर संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में भी तैनात हो चुके थे।

विंग कमांडर पीएस चौहान
विंग कमांडर पीएस चौहान ही उस एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर के मुख्य पायलट थे, जो तमिलनाडु के सुलुर एयर बेस से उड़ान भरने के बाद हादस्ताग्रस्त हो गया। इनके परिवार में इनकी पत्नी, 12 साल की बेटी और 9 साल का बेटा है। परिवार वालों के मुताबिक पांच भाई-बहनों में विंग कमांडर पीएस चौहान सबसे छोटे थे। मध्य प्रदेश के रीवा सैनिक स्कूल से पास होने के बाद यह साल 2000 में भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे। यह यूपी के आगरा के रहने वाले थे, जहां उनकी मां सुशीला चौहान अभी भी इस सदमे से नहीं उबर पा रही हैं कि उसी रात तो उनके बेटे ने उनसे फोन पर बात की थी और तब तो सबकुछ ठीक था।
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स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह
स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर के को-पायलट थे। यह राजस्थान के झुंझुनूं के घलड़ाना गांव के निवासी थे। वैसे इनका परिवार जयपुर में रहता है और उनके पिता भी इंडियन नेवी के रिटायर्ड ऑफिसर हैं। इनकी बहन भी नौसेना में तैनात हैं। स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह की शादी दो साल पहले ही हुई थी।

जूनियर वारंट ऑफिसर राणा प्रताप दास
हेलीकॉप्टर हादसे में जूनियर वारंट ऑफिसर राणा प्रताप दास की भी मौत हुई है। ये ओडिशा के रहने वाले थे। यह उस टेक्निकल क्रू में शामिल थे, जो सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी और बाकी रक्षा अधिकारियों के साथ जा रहा था। राणा प्रताप दास मूल रूप से ओडिशा के अंगुल जिले के कृष्णचंद्रपुर गांव के निवासी थे।

जूनियर वारंट ऑफिसर प्रदीप ए
जूनियर वारंट ऑफिसर प्रदीप अरक्कल केरल के त्रिशूर जिले के पोन्नुक्करा के रहने वाले थे। 37 साल के इस युवा ऑफिसर ने 2018 में केरल में आई बाढ़ के दौरान बहुत ही बड़ी भूमिका निभाई थे। उस भयावह बाढ़ में भारतीय वायु सेना की तरफ से यह राहत और बचाव मिशन में अहम योगदान देने वालों में शामिल थे।

हवलदार सतपाल राज
हवलदार सतपाल राज पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाके दार्जिलिंग के रहने वाले थे और उनकी मौत की खबर से वहां मातम पसरा हुआ है। 41 साल के हवलदार सतपाल राय सीडीएस बिपिन रावत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर के तौर पर उनके साथ चल रहे थे।

नायक जितेंद्र कुमार
नायक जितेंद्र कुमार भी सीडीएस बिपिन रावत के पीएसओ में से एक थे। वे मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के धमांदा गांव के रहने वाले थे। हेलीकॉप्टर हादसे में जिन 13 लोगों की मौत हुई है, उसमें से एक ये भी शामिल हैं।

नायक गुरसेवक सिंह
35 साल के नायक गुरसेवक सिंह पिछले तीन साल से जनरल रावत की सेवा में तैनात थे। ये पंजाब के तरन तारन जिले के डोड गांव के रहने वाले थे। इनके परिवार वाले कह रहे हैं कि एक रात पहले ही उनसे बात हुई थी। सपने में भी नहीं सोचा था कि अगले दिन इतना बुरा हो जाएगा।

लांस नायक विवेक कुमार
लांस नायक विवेक कुमार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में जयसिंघपुर इलाके के रहने वाले थे। वह जनरल रावत के प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर के पद पर तैनात थे। जबसे उनकी मौत की खबर आई है, इलाके में मातम पसर गया है।

लांस नायक साई तेजा
लांस नायक साई तेजा आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के निवासी थे। उनका घर कुरालाबला कोटा मंडल के येगुवा रेगाड़ा गांव में है। वो भी जनरल रावत के पीएसओ थे। 27 वर्षीय इस सैनिक के परिवार में उनकी पत्नी एक बेटी और एक बेटा रह गया है। ये लोग चित्तूर के मदनपल्ली शहर में रहते हैं। ये 2013 में ही सेना में शामिल हुए थे।












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