तबरेज अंसारी केस: पकड़े गए 11 आरोपी, 5 दसवीं पास, अधिकतर बेरोजगार या दिहाड़ी के मजदूर

नई दिल्ली। झारखंड में जिस तरह से तबरेज अंसारी की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी उसके बाद इस मामले में पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ कर रही है, पुलिस ने अबतक इस मामले में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन आरोपियों को इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है उसमे दिहाड़ी के मजदूर से लेकर रेलवे में गैंगमैन की नौकरी करने वाले और किसान तक शामिल हैं। बता दें कि 18 जून को भीड़ ने परवेज अंसारी को जबरन बंधक बनाकर उससे जय श्री राम और जय हनुमान के नारे लगवाए। अंसारी को चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। लेकिन घटना के चार दिन बाद परवेज अंसारी की अस्पताल में मौत हो गई थी।

दो पुलिसवाले भी सस्पेंड

दो पुलिसवाले भी सस्पेंड

इस मामले में पुलिस ने 23 जून को 11 लोगों को धतकिदीह गांव से गिरफ्तार किया था, जहां इन लोगों ने परवेज अंसारी के साथ मारपीट की थी। इस मामले में दो पुलिसवालों को भी सस्पेंड कर दिया गया है। जिन 11 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसमे से पांच आरोपी ऐसे हैं जो सिर्फ 10वीं कक्षा तक पढ़े हैं, अधिकतर लोग दिहाड़ी के मजदूर हैं या फिर बेरोजगार हैं जोकि नौकरी की तलाश कर रहे हैं। इन तमाम आरोपियों की बात करें तो आरोपी प्रकाश उर्फ पंप्पू मंडल जिसकी उम्र 28 वर्ष है उसके फेसबुक पोस्ट पर देखा जा सकता है कि वह भाजपा का स्टोल पहने है, उसका कहना है कि वह अर्जुन मुंडा की पार्टी के लिए काम कर चुका है। वहीं एसपी कार्तिक एस का कहना है कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उसमे से एक का भी राजनीतिक दल या किसी संगठन से संबंध नहीं है।

शिकायतकर्ता को दोषी ठहरा रहे

शिकायतकर्ता को दोषी ठहरा रहे

कमल महतो (48) ने अंसारी के खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। वह भी सिर्फ 10वीं तक पढ़े हैं और उनकी बेटी मोनिका महतो स्नातक की छात्रा है। कमल महतो मुरुप में रेलवे के गनमैन की नौकरी करते हैं। मोनिका का कहना है कि गांव में अब हर कोई हमे दोषी ठहरा रहा है। हमने सिर्फ चोरी की घटना की शिकायत की थी। सुमंत महतो (24) जोकि कमल महतो का बेटा है, वह अविवाहित है और उसने आईटीआई का कोर्स किया है और एक कंपनी में नौकरी करता है। मोनिका का कहना है कि उसे पर्मानेंट नौकरी मिलने वाली थी।

सीमेंट की फैक्ट्री में काम करने वाला मजदूर

सीमेंट की फैक्ट्री में काम करने वाला मजदूर

प्रेमचंद महली (21) जोकि घटना के वक्त मौके पर मौजूद था। उसने भी 10वीं तक की ही पढ़ाई की है। वह भी सीमेंट फैक्ट्री में काम करता है। उसके पास जमीन या खेत नहीं है, उसके माता-पिता बांस की टोकरी बनाने का काम करते हैं। सोनाराम महली (31) भी दिहाड़ी का मजदूर है। सत्यनारायण नायक (55) भी दिहाड़ी का मजदूर है, वह घरों में पेंटिंग का काम करता है। उसके परिवार का कहना है कि 5वीं के बाद उसने पढ़ाई नहीं की। उसकी पत्नी सरस्वती देवी ने बताया कि हाल में हमारी बेटी की मृत्यु हो गई थी। वह घर में अकेला कमानेवाला है, उसने किसी को भी नहीं मारा है।

पकौड़ा बेचने वाला

पकौड़ा बेचने वाला

मदन नायक (30) भी सत्यनारायण का भतीजा है, उसने भी पांचवी से अधिक पढ़ाई नहीं की है। वह भी सीमेंट्र फैक्ट्री में नौकरी करता है। भीम मंडल (45) वह आलू की पेटीज और पकौड़ा बेचता है। वह भी सिर्फ 5वीं तक पढ़ा है। महेश महली (28) भी सिर्फ 10वीं तक पढ़ा है, उसकी मां का कहना है कि वह रांची कोर्स करने के लिए गया था, लेकिन वापस आ गया। वह पूरे परिवार की देखभाल करता है। वह 18 जून को घटनास्थल पर क्या हो रहा है सिर्फ देखने गया था।

पति निर्दोष

पति निर्दोष

वहीं सोनामऊ प्रधान (23) भी गिरफ्तार आरोपियों में से एक है वह भी सिर्फ 10वीं तक पढ़ा है और अविवाहित है। उसने हाल ही में एक ट्रैक्टर खरीदा था और सेकेंड हैंड बोलेरो भी खरीदी थी। चामू नायक (40) के पास कुछ खेत है और उसके तीन बेटे हैं। उसकी पत्नी सारथी देवी का कहना हैकि उसने 10वीं तक की भी पढ़ाई पूरी नहीं की है। वह घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं था, उसने किसी पर भी हमला नहीं किया।

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