भारत में मुंबई सबसे मंहगी सिटी, जानिए रहने के लिए कौन सी सिटी है सबसे सस्ती
नाइट फ्रैंक इंडिया इंडेक्स के मुताबिक देश में कुछ टॉप सिटी ऐसी भी हैं, जहां रहना अन्य कई सुविधायुक्त शहरों की तुलना में काफी सस्ता है। ये इंडेक्स होम लोन पर चुकाई जाने वाली ईएमआई के आधार पर तैयार किया जाता है।
Knight Frank Affordability Index: नाइट फ्रैंक इंडिया ने शहरों में रहने पर होने वाले खर्च को लेकर अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स जारी किया है। जिसके मुताबिक देश करे टॉप मंहगे शहरों में मुंबई शीर्ष पर बना हुआ है। इसके अलावा अफोर्डेबिलिटी सूचकांक पर गौर करें तो कई ऐसे भारत की टॉप सिटी हैं जहां रहना काफी सस्ता है। भारत के सबसे सस्ते शहरों में अहमदाबाद का नाम सबसे आगे है।
नाइट फ्रैंड इंडिया द्वारा जारी अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स शहर में आवास की मासिक किस्त (EMI) और परिवार की मासिक आय के अनुपात को दर्शाता है। इस सूचकांक के मुताबिक रहने के लिए मुंबई सबसे मंहगा शहर है। जबकि कोलकाता, पुणे समेत कई टॉप सिटी आवास के लिहाज से काफी सस्ती हैं।

मुंबई के लिए होम लोन ईएमआई और प्रति परिवार की आय अनुपात 55% है। जिसका मतलब एक परिवार अगर होन लोन लेता है तो उसकी आय का औसतन आधे से अधिक हिस्सा होम लोन चुकता करने में खर्च हो जाता है। जबकि बेंगलुरु और चेन्नई के लिए यह अनुपात 28% है। इसके अलावा महाराष्ट्र के पुणे के लिए ईएमआई और प्रति व्यक्ति आय का अनुपात 26 प्रतिशत है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के लिए भी ये दर 26% ही है।
रहने के लिए भारत के सबसे किफायती शहरों में गुजरात का अहमदाबाद पहले स्थान पर है। यहां औसत परिवार को होम लोन ईएमआई के लिए अपनी आय का 23% भुगतान करना पड़ता है।
दरअसल, किसी शहर के लिए नाइट फ्रैंक अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स स्तर 40% का मतलब है कि औसतन, उस शहर के परिवारों को उस इकाई के लिए आवास ऋण की ईएमआई को वित्तपोषित करने के लिए अपनी आय का 40% खर्च करने की आवश्यकता होती है।












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