किसान आंदोलन को RSS ने बताया 'विघटनकारी ताकतें', अब सरवन सिंह पंढेर ने दिया जवाब
Farmers Protest: देश में एक बार फिर किसान सड़कों पर हैं। बस फर्क इतना ही है इस बार वो दिल्ली में नहीं बल्कि हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर जमे हुए हैं। एमएसपी सहित फसलों की कई मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। इस बीच अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बयान पर किसान संगठन ने पलटवार किया है।
आरएसएस ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव से पहले किसान आंदोलन के जरिए अराजकता फैलाने का फिर से प्रयास किया जा रहा है। इसके जरिए पंजाब में अलगाववादी आतंकवाद को बढ़ावा मिल रहा है। जिस पर अब पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के प्रमुख सरवन सिंह पंढेर की प्रतिक्रिया आई है।

ऑल इंडिया किसान सभा ने पंजाब और हरियाणा के प्रदर्शनकारी किसानों को "विघटनकारी ताकतें" कहने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोमवार को कड़ी आलोचना करते हुए दावा किया कि "हिंदुत्व आतंकवाद" देश के लिए सबसे गंभीर आंतरिक खतरा है।
आरएसएस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को 'विघटनकारी ताकतें' कहे जाने पर पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के प्रमुख सरवन सिंह पंढेर ने कहा, ''आरएसएस अब अल्पसंख्यकों की अवधारणा को खत्म करने के बारे में सोच रहा है, उनका कहना है कि यह देश को विभाजित करता है।''
लोकसभा चुनाव के बीच भी जारी रहेगा आंदोलन
इधर, खबरें आई थी कि देश में आचार संहित लागू होने के बाद किसान आंदोलन पर ब्रेक लग सकता है, लेकिन किसान संगठनों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
बता दें कि 13 फरवरी को दिल्ली मार्च के आह्वान पर पंजाब के किसान हजारों की संख्या में राजधानी कूच के लिए हरियाणा-पंजाब की शंभू बॉर्डर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उनको हरियाणा की तरफ घुसने नहीं दिया, जिसके बाद से लगातार किसान सीमा पर ही डटे हुए हैं। विशेष रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए किसान सड़कों पर उतरे हुए हैं।












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