Kisan Andolan: किसान नेताओं पर नहीं लगेगा NSA, हरियाणा पुलिस ने चंद घटों के भीतर वापस लिया आदेश
NSA against protesting farmers: हरियाणा पुलिस ने अपने उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें किसान नेताओं के ऊपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की बात कही गई थी।
अंबाला रेंज के आईजीपी सिबास कविराज ने कहा कि हरियाणा पुलिस सभी प्रदर्शनकारी किसानों और उनके नेताओं से निवेदन करती है कि वो शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपना सहयोग प्रदान करें।

शुक्रवार को हरियाणा पुलिस की तरफ से बयान जारी करते हुए कहा गया कि पुनर्विचार करने के बाद फैसला लिया गया है कि किसान नेताओं के ऊपर एनएसए के तहत कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा। हालांकि, विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी रिकवरी जारी रहेगी।
आपको बता दें कि किसान नेताओं के ऊपर एनएसए लगाने का आदेश उस वक्त जारी किया गया, जब बुधवार को हरियाणा के दातासिंह-खनौरी बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ। किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने उनके ऊपर आंसू गैस के गोले दागे और देखते ही देखते हालात बिगड़ने लगे।
30 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल
इसके बाद गुरुवार को हरियाणा पुलिस ने कहा कि किसानों के आंदोलन में अभी तक अंबाला जिले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हुई है, जबकि 30 से ज्यादा जवान घायल हुए हैं। अपने बयान में पुलिस ने कहा कि विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं के खिलाफ एनएसए के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में अंबाला पुलिस की तरफ से प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया गया कि किसान नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए भी माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया था।
'किसान नेताओं से होनी थी नुकसान की भरपाई'
अपनी प्रेस रिलीज में हरियाणा पुलिस ने कहा, 'दिल्ली चलो मार्च के तहत किसान लगातार शंभू बॉर्डर पर बैरिकेड को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, और साथ ही शांति व्यस्था को बिगाड़ने की कोशिश की। किसानों के पथराव में 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से एक जवान को ब्रेन हेमरेज हुआ है। इसके अलावा दो पुलिसकर्मियों की जान गई है। किसानों की वजह से सरकारी संपत्ति को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई किसान नेताओं से ही की जाएगी।'












Click it and Unblock the Notifications