गजब की हिम्मत: पीरियड्स में बिना पैड लिए मैराथन दौड़ीं धाविका किरन, देखें तस्वीरें
नई दिल्ली। हमारे देश में लड़कियों को अक्सर कहा जाता है कि मासिक धर्म से जुड़ी किसी भी बात का जिक्र वो किसी के सामने ना करें, जिसके कारण पीरियड्स के दौरान होने वाले असहनीय दर्द में भी महिलाएं और लड़कियां घरों में चुपचाप काम करती हैं। उनके अंदर मासिक धर्म को लेकर बहुत सारी झिझक भी होती हैं जबकि सच में तो यह एक नेचुरल प्रासेस है।
इन्हीं सारी बातों से लोगों को अवगत कराने और पीरियड्स के दौरान कोई महिला अछूत नहीं हो जाती है इस बात को बताने के लिए लंदन मैराथन में धाविका किरन गांधी ने अपने पीरियड्स में बिना पैड लिए पूरा मैराथन दौड़ा।
पीरियड्स के दौरान कोई महिला अछूत नहीं
26 साल की किरन गांधी ने पीरियड्स के दौरान बिना सैनिटरी पैड या टैंपॉन लगाए 26 मील (लगभग 42 किलोमीटर) की रेस पूरी की। किरन ने अपनी इस दौड़ की तस्वीरें अपनी वेबसाइट 'सिस्टरहुड, ब्लड ऐंड बूब्स' नामक शीर्षक के तहत पोस्ट की है।
आप भी देखिये वो तस्वीरें नीचे की स्लाइडों में..

किरन गांधी
26 साल की किरन गांधी ने पीरियड्स के दौरान बिना सैनिटरी पैड या टैंपॉन लगाए 26 मील (लगभग 42 किलोमीटर) की रेस पूरी की।

लोगों को जागरूक करना चाहती थीं
किरन गांधी अपनी इस रेस के जरिये लोगों को महिलाओं के हर महीने होने वाले दर्द से लोगों को जागरूक करना चाहती थीं।

किरन नहीं लोग परेशान
किरन को ऐसा करने में बिल्कुल भी शर्म नहीं आयी, जबकि उनके कपडों पर ब्लड के निशान देखकर लोग हैरान-परेशान हो रहे थे।
सोशल मीडिया पर लोगों की मिलजुली प्रतिक्रिया
किरन गांधी की इस हरकत पर सोशल मीडिया पर लोगों की मिलजुली प्रतिक्रिया आ रही है, जहां कुछ महिलाओं ने किरन की इस हरकत की आलोचना की है तो वहीं दूसरी ओर कुछ महिलाओं ने इस बात के लिए किरन को बोल्ड कहा है और तारीफ की है।

मासिक धर्म कोई अपराध नहीं.. बदल रही है सोच
भले ही समाज अभी पूरी तरह से बदला ना हो लेकिन वो बदल रहा है, लोगों की सोच में परिवर्तन हो रहा है और इसी कारण आज की लड़कियां अब उन मुश्किल दिनों के बारे में खुलकर बातें करनी लगी हैं और महीने के वो पांच-छह दिन उनके लिए जी का जंजाल नहीं बल्कि नार्मल दिन की तरह है।












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