Kidney Research पर आंध्र प्रदेश की सरकार गंभीर, उड्डनम में मार्च तक तैयार हो जाएगा अनुसंधान केंद्र
उड्डनम किडनी रिसर्च सेंटर आंध्र प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम है। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च, 2023 तक 200 बेड वाले इस केंद्र का उद्घाटन हो जाएगा।

Kidney Research को प्रोत्साहित कर रही आंध्र प्रदेश सरकार का कहना है कि मार्च तक 200 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के साथ अनुसंधान केंद्र का निर्माण पूरा हो जाएगा। सरकार कंटेनर-आधारित सेवाओं का उपयोग कर अलग-अलग जगहों पर अनुसंधान और डायलिसिस केंद्र बनाए जा रहे हैं। पहले ही कई अन्य डायलिसिस केंद्रों का प्रस्ताव दिया जा चुका है।
उड्डनम क्षेत्र में गुर्दे की बीमारी से प्रभावित मंडलों में डायलिसिस केंद्रों की व्यवस्था करने वाली राज्य सरकार अब सुरक्षित पेयजल परियोजना पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। टाइम्सऑफइंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी अनुमानित लागत रु. 700 करोड़ रुपये है। सरकार के मुताबिक परियोजना जल्द ही पूरी हो जाएगी। दो निर्वाचन क्षेत्रों - इच्छापुरम और पलासा के सात मंडलों में 827 गांवों को घरों में नल का पानी मिलेगा।
पलासा के एक किडनी रोगी एन सीताराम ने इन केंद्रों का असर बताते हुए कहा, सरकारी प्रयासों से जीवन में आशा का संचार हुआ। हमें डायलिसिस सेंटर के अलावा पेंशन और मुफ्त दवाएं भी मिलीं। एक अन्य रोगी दंपती आर अप्पन्ना और उनकी पत्नी ने कहा कि दोनों को पेंशन मिलनी शुरू हो गई है। पत्नी और पति दोनों किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे में परिवार को गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
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कविता और सोमपेटा में बेड की संख्या बढ़ा दी गई है। हाल ही में हरिपुरम में 10 बिस्तरों वाले डायलिसिस सेंटर की व्यवस्था भी की गई। राज्य के मत्स्य और पशुपालन मंत्री सिदरी अप्पला राजू ने कहा, सरकार रोगियों के लाभ के लिए अतिरिक्त डायलिसिस केंद्र बना रही है। सरकार ने श्रीकाकुलम के सरकारी सामान्य अस्पताल में दो सहायक प्रोफेसरों वाले नेफ्रोलॉजी विंग की व्यवस्था भी की है। क्षेत्र की सभी 29 प्रयोगशालाओं में किडनी रोगियों के परीक्षण के लिए जरूरी मूत्र, इलेक्ट्रोलाइट और सेमी-ऑटो एनालाइजर भी हैं।












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