Opposition alliance: खड़गे की दो टूक- CM केसीआर की BRS गठबंधन का हिस्सा नहीं
Opposition Alliance की बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की पार्टी- भारत राष्ट्र समिति (BRS) का कोई सदस्य नहीं पहुंचा था। अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ कर दिया है कि CM केसीआर की BRS विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं होगी।
खड़गे ने ट्वीट किया कि तेलंगाना के लोग बदलाव चाहते हैं और कांग्रेस की ओर देख रहे हैं। तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी ने भी सहयोगियों से अपने व्यक्तिगत मतभेदों को दूर करने और एक टीम के रूप में मिलकर काम करने का आग्रह किया।

बता दें कि बिहार की राजधानी में गत 23 जून को विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। इसमें कई राज्यों के मुख्यमंत्री, कुछ पूर्व मुख्यमंत्री समेत AAP, NCP और वाम दल भी शामिल हुए थे। बसपा और केसीआर की बीआरएस जैसी पार्टियां इससे दूर रहीं।
रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने 27 जून को शीर्ष नेतृत्व की घोषणा की। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई पार्टी पदाधिकारी तेलंगाना में आगामी विधानसभा चुनावों पर एक बंद कमरे में रणनीति बनाते भी दिखे।

बैठक में ऑल इंडिया कांग्रेस समिति (एआईसीसी) की तेलंगाना प्रभारी माणिकराव ठाकरे, और राज्य के वरिष्ठ नेता, जिनमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) प्रमुख ए. रेवंत रेड्डी, लोकसभा सदस्य उत्तम कुमार रेड्डी, रेणुका चौधरी और मधु गौड़ यास्खी भी शामिल हुए।
खड़गे ने ट्विटर पर लिखा, तेलंगाना के लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं। कांग्रेस किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। साथ मिलकर, हम साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सर्वांगीण सामाजिक कल्याण के आधार पर तेलंगाना के लिए एक उज्जवल भविष्य की शुरुआत करेंगे।
बैठक के बाद माणिकराव ठाकरे ने पत्रकारों से कहा, कांग्रेस नेतृत्व गरीबों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और हाशिए पर रहने वाले लोगों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उनकी रणनीति में उन वादों के साथ घर-घर जाकर प्रचार करना शामिल होगा।
बीआरएस के बारे में माणिकराव ने कहा कि केसीआर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में लोकप्रिय हैं। उन्होंने राज्य का पैसा अपने परिवार के लोगों पर खर्च किया। माणिकराव ने ये आरोप भी लगाया कि बीआरएस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिली हुई है।
उन्होंने कहा, "केसीआर और उनके बीआरएस उन क्षेत्रों में महाराष्ट्र जा रहे हैं जहां कांग्रेस मजबूत है और इस तरह वह भाजपा की मदद कर रहे हैं।" यास्खी ने कहा, बैठक में खड़गे जी ने स्पष्ट कर दिया कि बीआरएस राष्ट्रीय विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं होगा। बीआरएस और भाजपा एक ही हैं।
बता दें कि मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस (पहले का नाम तेलंगाना राष्ट्र समिति) ने दिसंबर 2018 में हुए तेलंगाना विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल किया था। प्रचंड बहुमत मिलने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण भूमिका की तलाश में केसीआर नीतीश और उद्ध ठाकरे सरीखे नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं।
सोमवार को कई बीआरएस नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा। कद्दावर नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट किया था, "तेलंगाना केसीआर की सामंती सरकार को हराने और बीआरएस और भाजपा के बीच अपवित्र गठबंधन को कुचलने के लिए तैयार है।"












Click it and Unblock the Notifications