केतकी चितले बोलीं- पवार कोई धर्म नहीं है, NCP प्रमुख के खिलाफ पोस्ट साझा के मामले में जा चुकी हैं जेल
शरद पवार के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोप में गिरफ्तार हुई अभिनेत्री केतकी चितले ने सोमवार को अपनी आपबीती बताई।
नई दिल्ली, 04 जुलाई : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोप में गिरफ्तार हुई अभिनेत्री केतकी चितले ने सोमवार को अपनी आपबीती बताई। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, अभिनेत्री ने दावा किया कि उन्हें केवल फेसबुक से एक पोस्ट कॉपी-पेस्ट करने और उसे अपने प्रोफाइल पर अपलोड करने के लिए जेल में डाल दिया गया।

मेरे साथ छेड़छाड़ की गई
इसके आगे अभिनेत्री चितले ने बताया कि उस दिन पुलिस मेरे दरवाजे पर थी, मुझे ले जा रही थी, मुझे गिरफ्तार कर रही थी। इस दौरान 20-25 लोगों की भीड़ थी, उन्होंने मुझसे छेड़छाड़ की, मुझ पर हमला किया, मुझे मारा, जहरीली स्याही की आड़ में मुझ पर रंग फेंका। अंडे फेंके जा रहे थे। न केवल मुझ पर, बल्कि पुलिस पर भी।

एक्ट्रेस के खिलाफ 22 एफआईआर दर्ज
बता दें कि अभिनेत्री के खिलाफ इस मामले में महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में 22 एफआईआर दर्ज किए गए। 14 मई को उनकी गिरफ्तारी हुई थी। एक महीने दस दिन बाद यानी 24 जून को उन्हें बेल मिली थी। चितले ने कहा कि मैं सिर्फ एक पोस्ट के लिए 22 एएफआईआर से लड़ रही हूं, जिनमें से मुझे एक प्राथमिकी में जमानत मिली है। अभी भी 21 एएफआईआर हैं।

लोगों ने गलत व्याख्या की
29 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा कि उन पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि मैंने जो कुछ भी पोस्ट किया वह भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अनुसार था। लोगों ने इसे एक निश्चित तरीके से गलत व्याख्या की। मैं बिना किसी तुक या कारण के सलाखों के पीछे था। पवार कोई धर्म नहीं है।

पोस्ट साक्षा करने के चलते हुई गिरफ्तारी
बता दें कि फिल्म और टीवी अभिनेत्री केतकी को ठाणे पुलिस ने फेसबुक पेज पर कथित रूप से साझा की गई पोस्ट को लेकर गिरफ्तार किया था। जो कविता के रूप में थी और कथित तौर पर किसी और द्वारा लिखी गई थी। इसमें पवार के कथित संदर्भ में "नरक इंतजार कर रहा है" और "आप ब्राह्मणों से नफरत करते हैं" जैसे आपत्तिजनक वाक्यांश शामिल थे।

14 मई को हुई थी गिरफ्तारी
केतकी को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। धर्म और नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।












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