Keshari Nath Tripathi Profile:3 राज्यों के राज्यपाल, 6 बार MLA रहे केशरी नाथ त्रिपाठी ने दुनिया को कहा अलविदा
उत्तर प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता और तीन राज्यों के राज्यपाल रहे केशरीनाथ त्रिपाठी का निधन हो गया है। वर्ष 2014 में केशरी नाथ त्रिपाठी को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

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Kehsari Nath Tripathi: पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी का आज लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। केशरी नाथ त्रिपाठी लंबे समय से बीमार चल रहे थे, आज सुबह 5 बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में केशरी नाथ त्रिपाठी का बड़ा नाम था। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता था। केशरी नाथ का जन्म 10 नवंबर 1934 को हुआ था। 30 दिसंबर को तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तबीयत में सुधार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। घर में उनकी तबीयत स्थिर थी, आज उन्हें लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में भर्ती राया जाना था। लेकिन घर में उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया। केशरी नाथ त्रिपाठी का आज शाम 4 बजे प्रयागराज के रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजनीति में लंबा सफर
केशरी नाथ त्रिपाठी के राजनीतिक सफर की बात करें तो वह 6 बार विधानसभा के सदस्य रहे। वह इलाहाबाद की झूंसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते थे और लगातार 5 बांर चुनाव में जीत दर्ज की थी। 1989-91, 1991-1992, 1993-1995, 1996-2002, 2002-2007 तक वह विधानसभा के सदस्य रहे। यही नहीं वह उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। यूपी विधानसभा के वह स्पीकर भी रह चुके हैं। वह 1991-1993, 1997-2002, 2002-2004 के बीच विधानसभा स्पीकर रह चुके हैं।
तीन राज्यों के राज्यपाल
वर्ष 2014 में केशरी नाथ त्रिपाठी को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही उन्हें बिहार के राज्यपाल का अतिरिक्त चार्ज दो बार दिया गया। साथ ही कुछ समय के लिए मेघायल, मिजोरम का भी उन्हें चार्ज दिया गया था। केशरी नाथ त्रिपाठी उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जनता पार्टी की सरकार के दौारन वह कैबिनेट मंत्री रहे थे।
वरिष्ठ वकील, लेखक
राजनीति के अलावा केशरी नाथ त्रिपाठी वरिष्ठ वकील भी थे। वह इलाहाबाद हाई कोर्ट में वरिष्ठ एडवोकेट भी थे। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। उनकी अहम पुस्तकों की बात करें तो मनोनुकृति, आयु पंख, संचयिता: केशरी नाथ त्रिपाठी अहम हैं। हिंदी के अलावा उन्होंने अंग्रेजी में भी पुस्तकें लिखी हैं। भारत और विदेश में होने वाली हिंदी कवियों की गोष्ठी में भी वह भाग लिया करते थे।












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