Kerala landslide: देवदूत बनकर पहुंची इंडियन आर्मी,वायनाड लैंडस्लाइड मलबे से जिंदा निकाले 4 लोग
Kerala Wayanad landslide Update in Hindi: जाको राखे साइंया मार सके ना कोय। यह कहावत इन दिनों कुदरती कहर से जूझ रहे वायनाड में चरितार्थ हुई है। वायनाड भूस्खलन हादसे के बाद भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल रखा है।
भारतीय सेना ने शुक्रवार को वायनाड में बचाव अभियान के दौरान मलबे में दो पुरुषों और दो महिलाओं सहित चार लोगों को जिंदा बाहर निकाला है।

अधिकारियों के अनुसार, बचाए गए व्यक्ति वायनाड के पदवेट्टी कुन्नू में फंसे हुए थे। राहत व बचाव ऑपरेशन के दौरान पहले इनकी लोकेशन का पता लगाया गया और फिर उन्नत लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) से इनको बचाया गया।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार केरल के एडीजीपी (कानून व्यवस्था) एमआर अजित कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग अभी भी डेटा एकत्र करने और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यहां कितने लोग हैं और कितने लोग लापता हैं?
एडीजीपी ने यह भी कहा कि पिछले चार दिन से हम यहां ऑपरेशन कर रहे हैं। भारतीय सेना, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, विशेष अभियान समूह, अग्निशमन बल, तटरक्षक बल और नौसेना की एक संयुक्त टीम इन सभी क्षेत्रों में काम कर रही है।

भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने चूरलामल में बेली ब्रिज को भी चालू कर दिया है। इससे वहां आवाजाही शुरू हो गई है। इंजीनियरिंग और पेशेवर कौशल के दक्ष भारतीय सेना के इंजीनियर टास्क फोर्स ने चूरलमाला में इरुवनिपझा नदी पर बेली ब्रिज का तेजी से निर्माण किया, जिससे वायनाड में बचाव कार्यों में काफी तेजी आई।


भारतीय वायु सेना हिंडन एयर बेस से वायनाड के लिए सी-130 विमान उड़ाएगी। विशेषज्ञों की एक टीम के साथ विशेष ड्रोन सिस्टम लेकर वायनाड जाएगी। ये ड्रोन सिस्टम मिट्टी के नीचे फंसे लोगों की तलाश करेंगे। उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई 2024 को केरल के वायनाड के मेप्पाडी क्षेत्र के चूरलमाला और मुंडक्कई में दो बड़े भूस्खलन हुए, जिससे व्यापक तबाही मची।












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