Kerala: केरल में NCC शिविर में दूषित खाने के संदेह के बीच सैन्य अधिकारी पर हमला, 2 लोग गिरफ्तार
Kerala: केरल के थ्रीक्काकारा स्थित केएमएम कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस में आयोजित एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में एक दुखद घटना सामने आई है। जिसने व्यापक निंदा को जन्म दिया है। 80 से अधिक कैडेटों में संदिग्ध खाद्य विषाक्तता के लक्षणों के बाद अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसके दौरान शिविर पर एक समूह ने हमला कर दिया और एक वर्दीधारी अधिकारी को निशाना बनाया।
हमले में राजनीतिक संबंध
घटना का वीडियो सामने आने के बाद दावा किया जा रहा है कि हमला सीपीआई (एम) एसएफआई की जिला प्रमुख भाग्य लक्ष्मी, भाजपा के स्थानीय पार्षद प्रमोद और उनके समर्थकों के नेतृत्व में किया गया। हमलावरों ने कैडेटों के स्वास्थ्य की चिंता का बहाना बनाकर शिविर की गतिविधियों को बाधित किया।

खाद्य विषाक्तता की आशंका और हमला
23 दिसंबर की रात 11:30 बजे के आसपास शिविर में भोजन करने के बाद 80 से अधिक कैडेटों ने उल्टी और पेट दर्द जैसे लक्षणों की शिकायत की। जिससे संदिग्ध खाद्य विषाक्तता का मामला सामने आया। स्थिति बिगड़ने पर एक समूह ने शिविर में घुसकर तोड़फोड़ की और ड्यूटी पर मौजूद सेना अधिकारी पर हमला कर दिया। वीडियो फुटेज में साफ दिखा कि अधिकारी ने उकसावे के बावजूद शांतिपूर्ण व्यवहार बनाए रखा और कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की।
जांच और पुलिस की निष्क्रियता
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने शिविर से भोजन, पानी और मल के नमूने इकट्ठा कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन अब तक परीक्षण के परिणाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। शिविर के कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल करनैल सिंह ने इस घटना पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और वीडियो फुटेज जैसे स्पष्ट सबूतों के बावजूद हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। यह एनसीसी कैडेटों और अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
एफआईआर दर्ज, लेकिन कार्रवाई अधूरी
थ्रीक्काकारा पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और शिविर अधिकारियों से आरोपियों की जानकारी मांगी है। हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जिससे पीड़ित पक्ष और एनसीसी के अधिकारी नाराज हैं।
सेना अधिकारी के साथ मारपीट की घटना पर कोच्चि के पुलिस आयुक्त पी विमलादित्य ने कहा कि थ्रीक्काकारा शिविर की घटना में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जो सेना के अधिकारी के साथ मारपीट में शामिल थे। आगे की जांच चल रही है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एनसीसी शिविरों में सुरक्षा उपायों और अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता पैदा की है। वर्दीधारी अधिकारी पर हमले के इस मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
त्रिक्ककारा एनसीसी शिविर की यह घटना राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करती है। न्याय की मांग और कैडेटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। इस घटना के बाद एनसीसी शिविरों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग जोर पकड़ रही है।












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