फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने 32 साल के जवान की जान बचाई, Air India flight में हुई थी इमरजेंसी, जानिए रोमांचक कहानी

केरल की फ्लोरेंस नाइटिंगेल पी गीता ने Air India Flight में इमरजेंसी होने पर 32 साल के जवान की जान बचाई। Kerala Nurse P Geetha Dr Mohammed Asheel Air India Flight Ai425 Saved Life Of Suman CPR

डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। शायद इसलिए क्योंकि शारीरिक और मानसिक बीमारी होने पर सबसे पहले उनकी भूमिका सामने आती है और अक्सर जब मामूली इंसानी समझ फेल कर जाती है, तो वहीं से डॉक्टरों को 'लाइव सेविंग पाथ' बनाते देखा जाता है। विमान विज्ञान का अद्वितीय आविष्कार है, लेकिन अगर जमीन से हजारों फीट ऊपर फ्लाइट में जान पर बन आए तो डॉक्टरों की तकनीक ही जान बचाती है। ऐसा ही हुआ केरल के एक सैनिक के साथ, 2020 का फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवॉर्ड जीतने वाली एक महिला ने Air India Flight में इमरजेंसी होने पर 32 साल के सैनिक की जान बचाई है। जानिए, God's Own Country कहे जाने वाले केरल की धरती से आने वाली 'धरती के भगवान' की कमाल की कहानी

 सैनिक सुमन को गीता से मिला जीवन दान

सैनिक सुमन को गीता से मिला जीवन दान

32 वर्षीय सैनिक सुमन आज जिंदा हैं तो इसका श्रेय केरल की फ्लोरेंस नाइटिंगेल को जाता है। जी हां, फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार जीतने वाली महिला पी गीता ने अपने कौशल से फ्लाइट में इमरजेंसी सिचुएशन को बखूबी हैंडल किया और उन्होंने सैनिक की धड़कनों को थाम लिया। नीलांबुर के इस सैनिक को बेचैनी हुई और जीवनदान गीता ने दिया।

CPR से बची सैनिक सुमन की जान

CPR से बची सैनिक सुमन की जान

फ्लोरेंस नाइटिंगेल 2020 पुरस्कार जीतने वाली महिला पी गीता कोझीकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पूर्व नर्सिंग अधीक्षक रह चुकी हैं। उन्होंने एक बार फिर साबित किर दिया कि वह इतनी उच्च सम्मान की पात्र क्यों हैं। उड़ान के दौरान कार्डियक अरेस्ट के कारण जब 32 साल के सैनिक सुमन की जान पर बन आई तो पी गीता उनके लिए मसीहा बनकर सामने आईं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गीता ने सुमन की जान सीपीआर (cardiopulmonary resuscitation- CPR) तकनीक से बचाई।

हालात जानलेवा लेकिन धैर्य नहीं खोया

हालात जानलेवा लेकिन धैर्य नहीं खोया

खबर के मुताबिक मेडिकल एक्सपर्ट पी गीता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित होने
राष्ट्रपति भवन की यात्रा पर थीं। फ्लोरेंस नाइटिंगेल सम्मान समारोह में बुलाई गईं पी गीता केरल से नई दिल्ली जा रही थीं। रविवार सुबह कन्नूर से एयर इंडिया की फ्लाइट (AI425) में सवार हुईं गीता उत्साहित थीं, लेकिन यात्रा शुरू होने के सिर्फ आधे घंटे बाद इमरजेंसी सिचुएशन सामने आई। उन्होंने बिना घबराए कमाल के धैर्य का परिचय दिया।

ब्लड प्रेशर और पल्स दोनों गायब !

ब्लड प्रेशर और पल्स दोनों गायब !

32 साल के सैनिक सुमन जम्मू कश्मीर में देशसेवा में मुस्तैद रहने वाले वीर सपूत हैं। ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए नई दिल्ली से जम्मू कश्मीर जा रहे सुमन को दिल का दौरा पड़ा। फ्लाइट स्टीवर्ड मुस्तफा ने विमान में सवार पैसेंजर्स से पूछा कि क्या कोई नर्स या डॉक्टर यात्रा कर रहे हैं। संदेश मिलते ही मेडिकल प्रोफेशनल पी गीता हरकत में आ गईं। उन्होंने सुमन की स्थिति की जांच करने के बाद पाया कि उनका रक्तचाप और पल्स रेट बहुत कम है, जो खतरनाक के अलावा जानलेवा भी था।

गीता की पहल, और लोगों ने भी की मदद

गीता की पहल, और लोगों ने भी की मदद

पी गीता ने बिना वक्त गंवाए सुमन को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। मुस्तफा की मदद से पी गीता ने सुमन की नसों में कुछ तरल पदार्थ इंजेक्ट किया (intravenous fluid)। खुशकिस्मती से इस विमान में एक और इमरजेंसी सिचुएशन एक्सपर्ट मौजूद थे। केबिन क्रू ने विमान में मौजूद डॉक्टरों को अलर्ट किया। इन लोगों में मोहम्मद अशील और डॉ प्रेम कुमार शामिल रहे। इनके अलावा एक सर्जन की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। विमान में यात्रा कर रहे मोहम्मद अशील डब्ल्यूएचओ-नई दिल्ली से जुड़े प्रोफेशनल हैं। अशील पूर्व सामाजिक सुरक्षा मिशन निदेशक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

डॉक्टरों की मेहनत से बची जान

डॉक्टरों की मेहनत से बची जान

भारतीय सेना के जवान सुमन की मदद के लिए दौड़े तमाम लोगों के प्रयासों ने सुमन को जीवनदान देने में मदद मिली। इस अनुभव के बारे में न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लोरेंस नाइटिंगेल पी गीता ने बताया, सुमन सीट पर बैठे थे, इस कारण शुरू में CPR देना मुश्किल हुआ, लेकिन सीपीआर के बाद पल्स धड़कना शुरू हुआ। हमने सुमन को फ्लाइट के पिछले हिस्से में ले जाने के बाद उसका इलाज किया। स्ट्रेचर के रूप में कंबल का इस्तेमाल किया गया। पी गीता पूरी यात्रा के दौरान सुमन के साथ रहीं। उन्होंने राहत की सांस लेते हुए बताया कि हम उसे पुनर्जीवित करने में कामयाब रहे। डॉ. अशील के अलावा केरल के ही पेरिंथलमन्ना में रहने वाले डॉ प्रेम कुमार और एक सर्जन ने भी बहुत मदद की।

गीता का समय पर सीपीआर महत्वपूर्ण

गीता का समय पर सीपीआर महत्वपूर्ण

कोझीकोड की मूल निवासी पी गीता साल 2019 में भी केरल सरकार की ओर से दिया जाने वाला सर्वश्रेष्ठ नर्स का पुरस्कार हासिल कर चुकी हैं। डॉ अशील ने बताया, शुरू में उन्हें लगा कि गीता सुमन की रिश्तेदार हैं। हालांकि, लैंडिंग के समय गीता के सीट पर लौटने के बाद उन्हें पता चला कि वे नर्स हैं। अशील ने कहा कि अगर गीता ने समय पर सीपीआर नहीं दिया होता तो सुमन की जान नहीं बचती। उन्होंने कहा, फ्लाइट स्टीवर्ड मुस्तफा को भी सलाम, जिन्होंने उड़ान के दौरान आपातकालीन चिकित्सा देखभाल का प्रशिक्षण लिया है। डॉ अशील ने फेसबुक पर पी गीता के साथ सेल्फी भी पोस्ट की।

नीचे देखें डॉ अशील और पी गीता की फोटो-

अस्पताल भेजा गया सैनिक सुमन

अस्पताल भेजा गया सैनिक सुमन

बकौल डॉ अशील, सुमन की जान बचाने में उनकी भूमिका कम रही क्योंकि फ्लाइट में मौजूद अन्य डॉक्टरों में से एक आपातकालीन देखभाल चिकित्सक भी थे। रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइट के नई दिल्ली में लैंड होने के बाद सुमन को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। फ्लोरेंस नाइटिंगेल पी गीता के पति भी विमान में उनके साथ यात्रा कर रहे थे। पति पी सत्यप्रकाश भारतीय खाद्य निगम के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं।

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