केरल: चेचक की वैक्सीन को मुस्लिम कह रहे 'मोदी वैक्सीन', नहीं दे रहे बच्चों को टीके

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केरल। केरल के कई शहरों में चेचक की वैक्सीन बच्चों को देने जा रही टीमों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस वैक्सीन को लेकर कई तरह की अफवाहों की वजह से ऐसा हो रहा है। मुस्लिम बहुल इलाकों में इस तरह की अफवाहें हैं कि ये वैक्सीन बच्चों को नपुंसक बनाने और उनके स्वास्थ्य को खराब करने के लिए दी जा रही है। ऐसे में कई शहरों से टीमों को बच्चों को बिना वैक्सीन दिए ही लौटना पड़ रहा है। ये पिछले काफी समय से चल रहा है।

lakhs of children at risk

'ये मोदी-आरएसएस वैक्सीन है. तुम ये हमारी जनसंख्या को रोकने के लिए कर रहे हो. आप प्लीज यहां से जाएं. मैं अपने बच्चों को ये वैक्सीन नहीं पिलाने दूंगा.' ये कहना है कंडट्टी के कैंप पर खड़े 35 साल के एक मुस्लिम शख्स का। इस शख्स की बात सुन नर्स को यहां से लौटना पड़ता है। ये नर्स अपनी टीम के साथ नौ महीने से 15 साल तक के बच्चो को चेचक का टीका लगाने के लिए यहां पहुंचीं थीं।

केरल के मल्लपुरम जिले में ये आम धारणा बन चुकी है कि वैक्सीन बच्चों को नुकसान पहुंचाएगी। इस वजह से ये लोग वैक्सीन देने के लिए आने वाली टीम के साथ भिड़ने को तैयार रहते हैं। जिले में 70 फीसदी मुसलमान हैं, ऐसे में टीम को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लगातार क्षेत्र के डॉक्टर कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को समझाया जाए और बच्चों को दवा मिल सके। डॉक्टरों के साथ-साथ मुस्लिम धर्मगुरू भी इसके लिए कोशिशें कर रहे हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में इस तरह की परेशानी का सामना मेडिकल टीमों को तब करना पड़ा था, जब कुछ साल पहले पोलियो की वैक्सीन पिलाने वाली टीम को इस तरह की बातें कहकर मुस्लिम मुहल्लों से लौटा दिा गया था कि ये दवा बच्चों को नुकसान कर देगी। इसके बाद सरकार ने मुस्लिम उलेमाओं और सेलेब्रिटीज का सहारा लिया था।

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English summary
kerala Malappuram Measles Rubella vaccination Myths putting lakhs of children at risk

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