वायनाड उपचुनाव पर फिर मचा बवाल, Priyanka Gandhi को केरल हाईकोर्ट ने जारी किया समन
Priyanka Gandhi Kerala summons: वायनाड उपचुनाव को लेकर एक बार फिर से राजनीति हलचल तेज हो गई है। केरल हाईकोर्ट ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को वायनाड लोकसभा सीट के उपचुनाव से संबंधित एक याचिका के सिलसिले में समन जारी किया है। यह याचिका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता नव्या हरिदास ने दायर की है।
इसमें उन्होंने नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में पराजय का सामना किया था। हरिदास ने चुनाव परिणामों को चुनौती देते हुए प्रियंका गांधी की जीत को अवैध घोषित करने की मांग की है। यह याचिका न्यायमूर्ति के. बाबू की एकल पीठ के समक्ष रखी गई थी।

अदालत ने नव्या हरिदास के वकील एडवोकेट हरि कुमार जी. नायर की दलीलों को सुनने के बाद प्रियंका गांधी को नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2025 के लिए निर्धारित कर दी।
What is the allegation against Priyanka Gandhi?क्या है प्रियंका गांधी पर आरोप?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रियंका गांधी ने चुनावी हलफनामे में अपने और अपने पति रॉबर्ट वाड्रा की कई अचल संपत्तियों, निवेशों और चल संपत्तियों की जानकारी छुपाई। नव्या हरिदास का कहना है कि यह जानकारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए बेहद आवश्यक थी, और उसे छिपाना "भ्रष्ट आचरण" की श्रेणी में आता है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रियंका गांधी ने मतदाताओं से महत्वपूर्ण सूचनाएं छुपाईं और कथित रूप से मतदाताओं पर अनुचित प्रभाव डाला। नव्या हरिदास ने इसे लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध बताते हुए चुनाव को "अमान्य" घोषित करने की मांग की है।
कांग्रेस का पलटवार: "सस्ती लोकप्रियता की कोशिश"
कांग्रेस पार्टी ने नव्या हरिदास की याचिका को खारिज करते हुए इसे "सस्ती लोकप्रियता" की चाल बताया है। दिसंबर 2024 में कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेश तिवारी ने ANI से बातचीत में कहा था, "कुछ लोगों को सस्ती लोकप्रियता की आदत होती है। नव्या हरिदास भी उन्हीं में से एक हैं। प्रियंका गांधी ने 4-5 लाख वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। यह याचिका जनता के जनादेश का अपमान है।"
बता दें कि वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव नवंबर 2024 में तब कराए गए जब राहुल गांधी ने यह सीट छोड़ी। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को उम्मीदवार बनाया, जो पहली बार लोकसभा चुनाव मैदान में उतरी थीं। यह चुनाव त्रिकोणीय मुकाबला रहा जिसमें भाजपा की नव्या हरिदास और वाम दलों की ओर से CPI के सत्या मोकेरी उम्मीदवार थे। परिणामों में प्रियंका गांधी वाड्रा ने 4,10,931 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की और सत्या मोकेरी को पराजित किया। भाजपा की नव्या हरिदास तीसरे स्थान पर रहीं।
अब आगे क्या होगा?
केरल हाईकोर्ट का यह नोटिस आने वाले समय में चुनावी राजनीति के लिए अहम मोड़ साबित हो सकता है। अगस्त 2025 में जब अगली सुनवाई होगी, तब अदालत यह तय करेगी कि याचिका में दिए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, और क्या प्रियंका गांधी की लोकसभा सदस्यता पर असर पड़ेगा।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर भारत की चुनावी पारदर्शिता, राजनीतिक नैतिकता और न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना यह है कि आने वाली सुनवाई में कांग्रेस क्या तर्क रखती है और अदालत क्या रुख अपनाती है।
वायनाड का यह मामला केवल एक चुनावी विवाद नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के सवालों को उजागर करता है। जहां एक ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं भाजपा की नव्या हरिदास इसे "जनता के साथ न्याय" का सवाल बता रही हैं। अब सबकी निगाहें केरल हाईकोर्ट की आगामी कार्यवाही पर टिकी होंगी।












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