76 साल के सपूत ने मुफ्त में दान कर दी करोड़ों की जमीन, 22 साल मुकदमा लड़ने के बाद मां की जयंती पर फैसला
76 वर्षीय सपूत ने अपनी दिवंगत मां की जयंती के मौके पर करोड़ों रुपये की जमीन मुफ्त में दान कर दी। kerala KSEB former engineer donates 20 cent land free
ऐसे समय में जब इंच-इंच जमीन के लिए संघर्ष और तकरार देखी जाती है, जनहित में निजी संपत्ति का दान कोई मामूली संकल्प नहीं। एक सीनियर सिटिजन ने बड़ा दिल दिखाते हुए अपनी 8700 sq. ft. जमीन मुफ्त में दान कर दी। 76 साल के इस बुजुर्ग ने मुफ्त में जो जमीन दान की है, इसका इस्तेमाल जनहित में किया जाएगा। यानी इनकी जमीन का इस्तेमाल स्वास्थ्य केंद्र बनाने के साथ-साथ सड़क निर्माण में किया जाएगा। ये वाकया इसलिए भी विशिष्ट है क्योंकि शहरी क्षेत्रों में अक्सर स्क्वायर फीट नाप कर जमीन का सौदा होता है, लेकिन केरल के बुजुर्ग ने बिना किसी फायदे की आस लगाए अपनी हजारों स्क्वायर फीट जमीन फ्री में डोनेट कर दी।

करोड़ों मिलने की संभावना, मुफ्त में दिया दान
समुद्र किनारे बसे राज्य केरल का कोच्चि प्रमुख शहरी क्षेत्रों में एक है। ये ऐसी जगह है जहां लैंड डील लाखों करोड़ों रुपये में होना आम बात है। मोटी रकम में होने वाले जमीन के सौदों के बीच जब कोई शख्सियत स्वेच्छा से सामने आकर जो अपनी हजारों वर्ग फुट जमीन मुफ्त में बेचने का फैसला कर ले, तो हैरानी होती है। जब लाखों-करोड़ों रुपये मिलने की संभावना हो और कोई मुफ्त दान का फैसला कर ले तो ये दृढ़ संकल्प की मिसाल है। 76 साल के शख्स ने असंभव सा लगने वाला ये काम संभव कर दिखाया है।

बिजली विभाग के पूर्व इंजीनियर की दरियादिली
8700 sq. ft. जमीन मुफ्त में दान करने संबंधी खबर न्यू इंडियन एक्सप्रेस में सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक केरल में रहने वाले 76 साल के के एल जोसेफ अलॉयसियस ने थेवारा इलाके में 20 सेंट जमीन (लगभग 8700 sq. ft.) कोच्चि निगम को मुफ्त में दान कर दी। केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB) के पूर्व इंजीनियर अलॉयसियस ने थेवरा में एक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र स्थापित करने के लिए अपनी जमीन दान कर दी।

22 सालों से जमीन का केस पेंडिंग था
केएसईबी के पूर्व इंजीनियर अलॉयसियस ने हेल्थ सेंटर के अलावा कोन्थुरुथी इलाके में सड़क को चौड़ा करने के लिए भी अपनी जमीन फ्री में दान कर दी। दान की गई कुल जमीन 20 सेंट है। केरल की माप कन्वर्ट करने पर लगभग 8700 sq. ft. होती है। अलॉयसियस ने कहा, 'उच्च न्यायालय में पिछले 22 सालों से जमीन को लेकर एक मामला लंबित है।

निगम ने सरकारी जमीन समझकर बनाई इंडस्ट्री
76 वर्षीय पूर्व इंजीनियर अलॉयसियस ने कहा, कोच्चि निगम ने करीब 22 साल पहले वर्ष 2000 में 7 सेंट जमीन पर एक औद्योगिक इकाई का निर्माण किया था। निगम ने यह सोचकर निर्माण किया कि यह 'पुरमबोक' (puramboke) यानी सरकारी भूमि है। अलॉयसियस बताते हैं कि निगम के निर्माण के खिलाफ उच्च न्यायालय में उन्होंने याचिका दायर की। 22 साल बाद उन्होंने मामला वापस लेने का फैसला किया और जमीन निगम को दान कर दी।

मां से मिली जमीन दान कर दी
अलॉयसियस ने जमीन दान करने की प्रेरणा के पीछे का कारण बताया और कहा, उनकी केवल एक ही शर्त थी कि भूमि का उपयोग स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया, जब मेरी मां ने वसीयत लिखी, तो उन्होंने मुझे 50 सेंट दिए। उसमें से वर्षों पहले संपत्ति पर रहने वाले 12 भूमिहीन किरायेदारों को 42.75 सेंट दे दिए थे। उन्होंने कहा, जमीन दान करने का एक और कारण यह था कि उनके पास केवल 7 सेंट 'भार्गवी निलयम' (Bhargavi Nilayam) के रूप में बचे थे। मलयालम भाषा में भार्गवी निलयम छोड़े हुए घर के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है।

मां की जयंती पर दान कर दी जमीन
अलॉयसियस ने बताया, दिवंगत मां की 90वीं जयंती के दौरान उस क्षेत्र के पार्षद ने मुझसे संपर्क किया। उन्होंने जमीन कोच्चि निगम को देने का अनुरोध किया। बकौल अलॉयसियस, अगर उनकी मां जीवित होतीं, तो वह चाहतीं कि मैं बेहतर काम के लिए जमीन दान कर दूं। 7 सेंट Bhargavi Nilayam के अलावा कोंथुरुथी रोड को चौड़ा करने के लिए निगम को 13.5 सेंट जमीन दान कर दी। अलॉयसियस ने रविवार को कोच्चि के मेयर एम अनिलकुमार को जमीन के दस्तावेज सौंप दिए।












Click it and Unblock the Notifications