Kerala Election 2026: LDF का ‘मास्टर प्लान’ जारी, घोषणापत्र में गरीबी खत्म करने से रोजगार तक किए 10 बड़े ऐलान
Kerala Election 2026: केरल की सत्ता में लगातार तीसरी बार वापसी की कोशिशों में जुटे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने 2 अप्रैल को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। कोझिकोड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने वामपंथी नेताओं की मौजूदगी में 'प्रगतिशील केरल' का खाका पेश किया।
LDF का यह घोषणापत्र दो खंडों में तैयार किया गया है। पहले खंड में शासन के 60 मुख्य बिंदुओं का सारांश है, जबकि दूसरे खंड में इन वादों को धरातल पर उतारने की विस्तृत कार्ययोजना दी गई है।

गरीबी खत्म करने का बड़ा लक्ष्य
घोषणापत्र में सबसे बड़ा फोकस राज्य से गरीबी खत्म करने पर है। LDF ने वादा किया है कि वह करीब 5 लाख सबसे गरीब परिवारों को ऊपर उठाकर गरीबी को समाप्त करने की दिशा में काम करेगा। इसके लिए विशेष योजनाएं और आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बुजुर्गों और जरूरतमंदों के लिए विशेष योजना
LDF ने बुजुर्गों और बिस्तर पर रहने वाले मरीजों के लिए एक समग्र देखभाल मॉडल (Comprehensive Care Model) लागू करने का वादा किया है, जिससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
युवाओं के लिए रोजगार और स्किल पर जोर
युवाओं को ध्यान में रखते हुए घोषणापत्र में कई अहम ऐलान किए गए हैं। छात्रों के लिए कैंपस प्लेसमेंट सुनिश्चित करने का वादा। युवाओं को बिना ब्याज के लोन और स्टार्टअप के लिए इनक्यूबेशन सपोर्ट और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) के जरिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इन कदमों से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ें और युवा आत्मनिर्भर बनें।
महिलाओं की भागीदारी 50% तक बढ़ाने का लक्ष्य
LDF ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी खास जोर दिया है। घोषणापत्र में महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी को 50% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए संस्थागत समर्थन और नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।
'Back to Campus' प्रोग्राम
रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए 'Back to Campus' प्रोग्राम को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत संस्थानों से जुड़े ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए युवाओं को इंडस्ट्री के हिसाब से तैयार किया जाएगा।
केंद्र से टकराव: मनरेगा (MGNREGS) पर बड़ा स्टैंड
केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए LDF ने घोषणापत्र में स्पष्ट किया है कि वे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में किए जा रहे बदलावों का कड़ा विरोध करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो राज्य सरकार अपने फंड से इस योजना को निरंतर और मजबूत बनाए रखेगी।
आर्थिक विकास और इंडस्ट्री पर फोकस
आर्थिक मोर्चे पर LDF ने कई बड़े लक्ष्य तय किए हैं। 2031 तक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 16% तक बढ़ाना, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और सेक्टर-आधारित हब विकसित करना, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स का आधुनिकीकरण और टर्नओवर बढ़ाना और पर्यटन को दोगुना करने की योजना है।
LDF ने पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा इंजन बनाने की योजना बनाई है। घोषणापत्र में पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, नए डेस्टिनेशन और जिम्मेदार पर्यटन (Responsible Tourism) पर जोर होगा।
चुनावी मुकाबले में क्या बदलेगा समीकरण?
LDF का यह घोषणापत्र साफ संकेत देता है कि पार्टी इस बार वेलफेयर + रोजगार + विकास के ट्रिपल एजेंडा के साथ चुनाव मैदान में उतरी है। अब देखना होगा कि यह वादे विपक्षी UDF और BJP के मुकाबले मतदाताओं को कितना आकर्षित कर पाते हैं। केरल में चुनावी जंग तेज हो चुकी है और घोषणापत्रों के जरिए सभी दल वोटरों को साधने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि किसका एजेंडा जनता के दिल में जगह बना पाता है।












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