केरल चुनाव 2021: मुस्लिम लीग ने 25 साल बाद किसी महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा,जानें किसे दिया मौका
तिरुवनंतपुरम। देश के पांच राज्यों के साथ केरल में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बार केरल विधान चुनाव की खासियत है कि पहली बार इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने 25 साल बाद किसी महिला प्रत्याशी को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है। केरल चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ गठबंधन) की मुस्लिम लीग सबसे बड़ी पार्टी है। आइए जानते हैं वो कौन महिला हैं जिन्हें मुस्लिम लीग ने चुनाव मैदान में उतारा है।

इस महिला प्रत्याशी पर मुस्लिम लीग ने जताया भरोसा
यूडीएफ गठबंधन में शामिल मुस्लिम लीग पार्टी ने अपनी 25 साल से चली आ रही परंपरा को ब्रेक करते हुए एक महिला प्रत्याशी पर अपना भरोसा जताया है। मुस्लिम लीग पार्टी ने कोझिकोड साउथ सीट से नूरबीना राशिद को अपना प्रत्याशी बनाया है। केरल में आईयूएमएल 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसने 25 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है।
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मुस्लिम लीग से टिकट मिलने के बाद क्या बोलीं नूरबीना
साल 1996 के बाद यानी 25 साल में पहली बार केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के मुख्य सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। नूरबीना राशिद पार्टी की ओर से चुनाव में खड़ी की गईं पहली महिला उम्मीदवार हैं। टिकट मिलने के बाद नूरबीना राशिद ने कहा कि "यह जीवन या मृत्यु जैसा है" नूरबीना रशीद'ने कहा 25 साल में विश्वास था कि पार्टी मुझे टिकट देकर अपना उम्मीदवार बनाएगी। मैं पार्टी के फैसले से बहुत खुश हूं। कोझीकोड दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही नूराबीना ने कहा मुझे उम्मीद थी कि पार्टी 25 साल बाद पहली बार किसी महिला को उम्मीदवार बनाएगा। मैं पार्टी के फैसले से बहुत खुश हूं।'

जानें नूरबीना रशीद को
58 वर्षीय सुश्री रशीद ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत तब की थी जब वह 30 की उम्र में थीं। वह अपने करियर के दौरान अन्य प्रमुख पदों में केरल राज्य महिला लीग समिति की संस्थापक महासचिव और केरल महिला आयोग की सदस्य थीं। रशीद जमीनी स्तर महिलाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए कई मुद्दों को पार्टी के भीतर कई आंतरिक मंचों पर उठाया है। नूरबीना ने कहा अब विधानसभा में महिलाओं की अधिक हिस्सेदारी देखना चाहते हैं। नूराबीना ने कहा 'महिलाओं के मुद्दों और हाशिये पर मौजूद लोगों की समस्याओं को उठाने के लिए विधानसभा में महिलाओं की ज्यादा हिस्सेदारी की जरूरत है।'

25 साल पहले मुस्लिम लीग ने जब महिला पर जताया था भरोसा तब क्या हुआ था ?
मुस्लिम लीग ने आज से 25 साल पहले 1996 में ने एक महिला उम्मीदवार उम्मीदवार कमरुन्निसा अनवर को मैदान में उतारा था। जो सीपीआई (एम) के एलाराम कारेन से लगभग 8000 वोटों से हार गई थीं। जिसके बाद पार्टी ने किसी भी चुनाव मैदान में नहीं उतारा। वहीं इस बार लेफ्ट डेमोक्रेक्टिक फ्रंट ने अपने सहयोगी दल इंडियन नेशनल लीग के महासचिव अहमद देवरकोविल को इस सीट से मैदान में उतारा है।

केरल में 6 अप्रैल को होंगे चुनाव
केरल की 144 सीटों में IUML ने शुक्रवार को 25 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की। सीपीआई (एम) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी जिसमें 12 महिलाओं को शामिल किया गया था। पार्टी के आठ पूर्व विधायकों को मलप्पुरम सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता पीके कुन्हालीकुट्टी के अलावा पार्टी ने मैदान में उतारा है, जिन्होंने हाल ही में चुनाव लड़ने के लिए अपनी लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। पलारीवट्टोम फ्लाईओवर घोटाला मामले में आरोपी वीके इब्राहिम कुन्जू और निवेश धोखाधड़ी मामले में आरोपी एमसी कमरुद्दीन को टिकट नहीं दिया गया है। IUML को कुल 140 में से 27 सीटें आवंटित की गई हैं। बाद में दो और उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। ध्यान रहे केरल 6 अप्रैल को चुनावों में 15 वीं विधान सभा के लिए 140 विधायकों का चुनाव करेगा। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुदुचेरी के साथ 2 मई को नतीजों की गिनती की जाएगी।












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