Kerala EC-BJP Seal Row: केरल में ECI के डॉक्यूमेंट पर बीजेपी की मुहर, विवाद के बाद चुनाव आयोग ने दी सफाई

Kerala EC BJP Seal Row: केरल में विधानसभा चुनाव से पहले एक दस्तावेज को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। CPI(M) ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के बीच कथित तौर पर सांठ-गांठ है। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसके लिए 'एक ही जगह से पावर सेंटर काम कर रहा है' कहते हुए आरोपों की बौछार कर दी है। यह आरोप उस समय सामने आया जब एक चुनाव आयोग के दस्तावेज़ पर भाजपा की मुहर दिखाई दी थी।

CPI(M) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि क्या अब दोनों संस्थाओं के बीच औपचारिक दूरी भी खत्म हो गई है। पार्टी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर आरोप लगते थे। अब दस्तावेजों पर भी 'कमल' की छाप दिखने लगी है। इस विवाद पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है।

Kerala EC BJP Seal Row

Kerala EC BJP Seal Row: एक दस्तावेज को लेकर हुआ विवाद

- दरअसल, यह विवाद 19 मार्च 2019 के एक दस्तावेज से जुड़ा है, जिसे चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों को भेजा गया था।

- इस दस्तावेज के साथ जुड़े एक हलफनामे पर कथित रूप से भाजपा के केरल यूनिट की मुहर पाई गई। CPI(M) ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए इसकी जांच की मांग की।

हालांकि, इस मामले पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी तरह से एक क्लेरिकल एरर (मानवीय चूक) थी, जिसे पहचानते ही सुधार लिया गया।

Election Commission ने दी सफाई

चुनाव आयोग ने इस प्रकरण पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि भाजपा की केरल इकाई ने 2019 के दिशा-निर्देशों को लेकर स्पष्टीकरण मांगते हुए एक पुराना दस्तावेज जमा किया था। इस पर पार्टी की मुहर लगी हुई थी। इसी दस्तावेज की कॉपी को अनजाने में अन्य राजनीतिक दलों को भेज दिया गया, बिना उस पर लगी मुहर को नोटिस किए। जैसे ही यह गलती सामने आई, 21 मार्च को उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी कर उस दस्तावेज़ को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई। यह सूचना सभी राजनीतिक दलों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग ऑफिसर्स को भेजी गई।

EC BJP Seal Row: आयोग ने बताया मानवीय त्रुटि

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की त्रुटि का चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से कोई संबंध नहीं है और पूरी प्रणाली को बाहरी प्रभाव से मुक्त रखने के लिए कड़े प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं। साथ ही, मीडिया और आम जनता से अपील की गई है कि इस मुद्दे को लेकर भ्रामक जानकारी न फैलाएं। हालांकि, आयोग के स्पष्टीकरण के बाद यह मामला फिलहाल शांत होता नजर नहीं आ रहा है।

केरल सीपीआई (एम) ने दागे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम पर केरल सीपीआई (एम) ने एक्स पर लंबा पोस्ट लिखकर चुनावी पारदर्शिता और संस्थागत विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। पार्टी की तरफ से जारी संदेश में कहा गया कि चुनाव आयोग के दफ्तर में बीजेपी की सील क्या कर रही थी। इतना ही नहीं इस पोस्ट के साथ सीपीएम ने यह भी कहा कि यह घटना दिखाती है कि लोकतंत्र अब खतरे में है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता सवालों से परे नहीं है।

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