वायनाड से नहीं तो कहां से लड़ेंगे राहुल गांधी? सहयोगी पार्टी ने कांग्रेस को दे दी टेंशन
Kerala CM Vijayan on Rahul gandhi contesting from Wayanad: तीन बड़े हिंदी भाषी राज्यों में हार के चलते कांग्रेस चौतरफा इस तरह घिरी हुई है कि तेलंगाना में जीत का जश्न भी ठीक से नहीं मना पा रही है।
पार्टी की फर्स्ट फैमिली तो चुनावी चर्चाओं के बीच पूरी सीन से ही गायब नजर आ रहे हैं। ऊपर से सहयोगी दल टेंशन पर टेंशन दिए जा रहे हैं।

वायनाड से नहीं तो कहां से लड़ेंगे राहुल गांधी?
अब केरल में इंडिया ब्लॉक की सहयोगी सीपीएम ने कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को कहा है कि अगले साल लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी को वायनाड से उतारते समय कांग्रेस को तय करना होगा कि वह भाजपा से लड़ रही है या फिर एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रैटिक अलायंस) से।
तो वायनाड में उम्मीदवार उतारेगा एलडीएफ- केरल के मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस और एलडीएफ दोनों ही विपक्षी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं, जिसे अगले आम चुनावों में बीजेपी के खिलाफ लड़ने के लिए ही बनाया गया है।
विजयन ने साफ किया कि अगर गठबंधन की जरूरत नहीं है तो केरल में कांग्रेस और एलडीएफ के बीच मुकाबला होगा और एलडीएफ वायनाड में अपना उम्मीदवार उतारेगा।
कांग्रेस तय करे कि बीजेपी से लड़ेगी या एलडीएफ से- पिनराई विजयन
केरल के त्रिशूर में एक प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा, 'कांग्रेस को तय करना है कि राहुल गांधी को केरल में बीजेपी के खिलाफ लड़ना चाहिए या एलडीएफ से। क्या आप यहां केरल में कह सकते हैं कि आप बीजेपी से लड़ रहे हैं या मुकाबला कर रहे हैं? '
2019 में वायनाड से चुनाव जीते थे राहुल
कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर 2019 के लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी ने खुद यूपी की अमेठी और केरल के वायनाड दोनों सीटों से चुनाव लड़ना तय किया था। अमेठी में उन्हें बीजेपी की स्मृति ईरानी ने हरा दिया, लेकिन वायनाड से जीतकर वह संसद पहुंचे थे।
राहुल के वायनाड से चुनाव लड़ने पर सीपीएम को है आपत्ति
विजयन ने यह भी कहा है कि इंडिया ब्लॉक यह नहीं तय करेगा कि उसके सदस्य कहां से अपने उम्मीदवारों को लड़ाएंगे। यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि एक दिन पहले ही उनकी पार्टी सीपीएम ने राहुल के दोबारा वायनाड से चुनाव लड़ने की चर्चाओं की आलोचना की थी।
भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र से लड़ें राहुल- सीपीएम
सीपीएम के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने कहा था कि वायनाड के कांग्रेस सांसद को राज्यों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में पड़ने की जगह खुद को बीजेपी की 'फासीवादी नीतियों' के खिलाफ लड़ने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उनका कहना था कि राहुल को ऐसी जगह से चुनाव लड़ना चाहिए, जहां भाजपा का प्रभाव है। उनके मुताबिक केरल में बीजेपी का कोई खास महत्त्व नहीं है।
खुद वायनाड से चुनाव लड़ने का संकेत दे चुके हैं राहुल
हाल ही में जब वायनाड के कांग्रेस सांसद केरल आए थे तो उन्होंने कहा था कि उनका चुनाव क्षेत्र उन्हें घर जैसा लगता है। इसका यही अर्थ निकाला गया कि वह अगली बार भी वायनाड से ही चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं।
राहुल ने कहा था, 'मैं इसे अपने परिवार के पास आने और अपने मित्रों से मिलने जैसा मानता हूं। मैं जितना ज्यादा केरल और वायनाड आता हूं, उतना ही यह मुझे मेरे घर जैसा महसूस होता है।' लेकिन, इंडिया ब्लॉक की सहयोगी की आपत्ति का मतलब है कि या तो गठबंधन में फूट तय है या फिर कांग्रेस नेता के लिए कोई दूसरा चुनाव क्षेत्र तलाशना पड़ सकता है।
तीन राज्यों में हार के बाद इंडिया ब्लॉक में कांग्रेस पहले से ही बुरी तरह घेरी जा रही है। अब सीपीएम ने जिस तरह से केरल में राहुल गांधी के वहां से चुनाव लड़ने के खिलाफ मोर्चा खोला है, उससे इस गठबंधन में शुरू हुई तकरार और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। (इनपुट-पीटीआई)












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