केरल विधानसभा में पहली बार दिखेगा अनोखा नजारा, सीएम ससुर के साथ विधानसभा में बैठेंगे दामाद
केरल विधानसभा में पहली बाद दिखेगा अनोखा नजारा, सीएम ससुर के साथ विधानसभा में बैठेंगे दामाद
तिरुवंतपुरम, 3 मई: केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार शानदार जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य की सत्ता में वापसी की है। इसके साथी केरल की नवनिर्वाचित विधानसभा में एक नया और अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। केरल विधानसभा के इतिहास में ये पहली बार होगा कि एक साथ ससुर और दामाद की जोड़ी बैठेगी। ये ससुर दामाद की जोड़ी मुख्यमंत्री पी विजयन और उनके दामाद पीए मोहम्मद रियाज की होगी।

केरल के 77 वर्षीय सीएम पी विजयन की बेटी वीणा के पति पीए मोहम्मद रियाज़ हैं जो डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और 44 वर्षीय रियाज़ कोझीकोड जिले में वाम दल के गढ़ बेयपोर से निर्वाचित हुए हैं। वहीं विजयन कन्नूर जिले की धर्मदाम सीट से 50,000 वोटों से जीत हासिल की है।
केरल विधानसभा में पहली बार दिखेगा ये अनोखा नजारा
विजयन की बेटी वीणा और रियाज की शादी 15 जून 2020 को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास क्लीफ हाउस में संपन्न हुई थी। विधानसभा के इतिहास में बड़े राजनेताओं के बेटी बेटी ने चुनाव जीता है लेकिन केरल में ये पहली बार है जब एक साथ ससुर और दामाद की जोड़ी निर्वाचित होकर विधानसभा में एक साथ नजर आएंगे। इससे पहले 2019 में कोझाीकोड से पीए मोहम्मद ने चुनाव लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन तब वो चुनाव हार गए थे। लेकिन विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की
केरल विधानसभा चुनाव में 20 सीटों पर नेताओं के बच्चों ने लड़ा था चुनाव लेकिन सबकी हुई हार
बता दें 6 अप्रैल को हुए केरल विधानसभा चुनाव में कई सियासतदानों के बेटी बेटियों ने चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई थी लेकिन सबकी हार हो गई। सत्तारूढ़ माकपा नीत एलडीएफ और विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ के पूर्व मंत्रियों और विधायकों के बच्चों ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन विजयन के दामाद को छोड़कर बाकी सभी सियासतदारों के बेटे, बेटियों और दामाद को इस चुनाव में हार मिली।
इन्होंने आजमाई थी अपनी किस्मत
वाम दलों के साथ गंठबंधन करके केरल कांग्रेस (एम) के प्रमुख जोस के मणि और उनकी बहन के पति एमपी जोसेफ ने यूडीए के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए। केरल कांग्रेस के अध्यक्ष पीजे जोसेफ थोडुपुझा के अलावा उनके दामाद डॉ जोसेफ ट्वेंटी 20 के प्रत्याशी के तौर पर कोथमंगलम सीट से चुनाव लड़े थे लेकिन पीजे जोसेफ जीत हासिल की लेकिन उनके दामाद हार गए।












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