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जातिगत राजनीति करने लगे केजरीवाल, दलितों का वोट साधने के लिए कर रहे ये काम

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बेंगलुरु। देश की अन्‍य राजनीतिक पार्टियां से अलग धर्म और जाति से हट कर राजनीति करने का टैग जो आम आदमी पार्टी पर लगा था वह अब बीते दिन की बात हो चुका हैं। शिक्षा, विकास, भ्रष्‍टाचार समेत आम जन से जुड़ी तमाम मुद्दे पर अब तक पॉलटिक्स करने वाले दिल्ली के मुख्‍यमंत्री और आप पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी जाति आधारित राजनीति करना शुरु कर दिया हैं। दलित वोट बैंक साधने के लिए वह अब दलितों को टारगेट कर रहे हैं।

अपनी निराली राजनीति को छोड़कर केजरीवाल भी भेड़चाल में शामिल हो चुके हैं। आम आदमी पार्टी की शासन आधारित राजनीति में बदलाव नजर आने लगा है। दिल्ली की जनता को मुफ्त में बिजली, पानी समेत अन्‍य फैसलों से जनता की प्रिय बनी आप पार्टी ने भी चुनाव आते ही गिरगिट की तरह रंग बदल लिया हैं। दलित वोट बैंक साधने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को आप ने दलित आउट रीच कार्यक्रम की शुरुआत की। आप का यह कदम दो साल पहले के चुनावी मुद्दों से बहुत दूर नज़र आता है, जब केजरीवाल जाति और धर्म की बजाय शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर चुनाव लड़ने को तरजीह देते थे।

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दलित बस्ती कार्यक्रम का आयोजन

अपने आउट रीच कार्यक्रम के तहत आम आदमी पार्टी दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में दलित बस्ती कार्यक्रम का आयोजन करेगी। इस के जरिए समुदाय की समस्याओं का समाधान करने का दावा कर रही हैं। आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पार्टी दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में 'दलित बस्ती'कार्यक्रम का आयोजन करेगी। इस कार्यक्रम के जरिए समुदाय की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। सीमापुरी, गोकलपुर, करोलबाग और त्रिलोकपुरी जैसे आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों पर विशेष तौर पर ध्यान दिया जाएगा।

पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सामाजिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम के साथ हाल ही में आयोजित बैठक में कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया। इस सम्बध में एक पायलट प्रोजेक्ट लगभग सप्ताह भर पहले ही शुरू किया जा चुका था। दो सप्ताह पहले सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारियों और आप नेताओं ने समुदाय के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी प्रतिक्रिया जानी गयी। पार्टी सूत्रों ने बताया, कार्यक्रम के लाभों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए पार्टी ने एससी/एसटी पृष्ठभूमि से आने वाले स्वयंसेवकों का 3 ग्रुप बनाया हैं। जो नवम्बर के अंत तक प्रतिदिन कम से कम दो सभाओं को संबोधित करेंगे। दिल्ली विधानसभा में अब तक समुदाय के लिए कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने जो कुछ किया है उसका डाटा इकट्ठा करने के अलावा पार्टी आने वाले समय में दलितों के लिए पेश की जाने वाली स्कीम के संदर्भ में सुझाव भी मांगेगी।

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जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना का प्रचार कर मांगेगी वोट

कार्यक्रम के एक अंश के रूप में पार्टी के स्वयंसेवक समुदाय के लिए आप सरकार द्वारा लागू इस योजना को प्रचारित करेंगे जिसमें 'जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना'भी शामिल है। पिछले साल लागू इस स्कीम का उद्देश्य एससी/एसटी छात्रों को संघ लोक सेवा आयोग, दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड और अन्य संस्थानों द्वारा आयोजित परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग प्रदान करना था। बता दें 3 सितम्बर को दिल्ली कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के छात्रों को भी इस योजना के तहत शामिल किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता को 40,000 से बढ़ा कर 1 लाख रुपए कर दिया।

सामाजिक कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल छात्रों के दस्तावोजों जैसे आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र के वेरीफिकेशन में बर्बाद होने वाले समय की बचत करेगा। सरकार सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सिस्टम के माध्यम से सीधे छात्रों के बैंक खाते में वित्तीय सहायता भेजने और बायोमैट्रिक उपस्थिति के बारे में विचार कर रही है। मंत्रालाय ने इस स्कीम के तहत विशेष छात्रों के अवेदन भी आमंत्रित किए हैं ताकि उन्हें भी भर्ती करने की संभावनाओं की समीक्षा की जा सके। कार्यक्रम के एक भाग के रूप में समाज कल्याण मंत्रालय ने अर्थशास्त्री और समाज सुधारक भीम राव आंबेडकर पर एक छोटी पुस्तिका छापने की सिफारिश भी की है।

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पाठ्यक्रम में शामिल की जा रही अंबेडकर की जीवनी

समुदाय के सदस्यों के साथ बात-चीत में मिली प्रतिक्रिया से हमने महसूस किया कि जिन लोगों के लिए अंबेडकर ने अभियान चलाया उन लोगों के बीच उनकी शिक्षा को प्रचारित करने की जरूरत हैं। इसलिए हमने देशभक्ति पाठ्यक्रम में अंबेडकर के जीवन पर आधारित 3 अध्याय वाली पुस्तिका कक्षा 6,7 और 8 के लिए चलाने की सिफारिश की है। अरविंद केजरीवाल की सरकार ने छात्रों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए अगले सत्र से देशभक्ति पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। आप सरकार का दलित आउटरीच कार्यक्रम समुदाय की सहायता करने का एक तार्किक कदम है। अगस्त में जब दलितों ने तुगलकाबाद में संत रविदास मंदिर को ढहाने के कोर्ट के आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तो आम आदमी पार्टी ने भी दिल्ली विकास प्राधिकरण के विरुद्ध आन्दोलन का समर्थन किया था।

राजनीतिक विशेषज्ञ का मानना है कि यह कदम नया नहीं है पार्टी ने कभी खुद को जातिगत मुद्दों से दूर नहीं रखा है। उन्होंने कहा, 'उम्मीदवारों का चयन हो या चुनावी मुद्दे जाति का पक्ष हमेशा ही मौजूद रहा।आप के पूर्व नेता आशुतोष का ही उदाहरण ले लीजिए...उन्हें वोट के लिए अपना उपनाम 'गुप्ता' को इस्तेमाल करना के लिए कहा गया था। भारतीय लोकतंत्र में जाति की केंद्रीयता के कारण कोई भी पार्टी जाति तटस्थ नहीं है। कांग्रेस के दलित नेता उदित राज ने स्वयं कहा हैंकि आप इस कार्यक्रम के जरिए उन वादों की भरपाई करना चहती है जो उसके घोषणा पत्र में थे जिन्हें पूरा नहीं किया गया। राज ने मीडिया को दिए गए साक्षात्कार में बताया कि अब चुनाव नजदीक है तो यह तो होना ही हैं। हालांकि उन्होंने स्कूल के पाठ्यक्रम में आंबेडकर के पाठ को शामिल करने के कदम का स्वागत किया।

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English summary
AAP party chief Arvind Kejriwal has started doing caste politics politics under the Delhi Legislative Assembly election target. Efforts are being made to establish the vote bank of Dalits.
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