Kaziranga National Park: पूर्व राष्ट्रपति का दौरा, बाघों के फंड से खर्च हुई एक करोड़ से अधिक राशि, जानिए मामला
Kaziranga National Park President Kovind के कार्यकाल में बाघ संरक्षण कोष से एक करोड़ से अधिक खर्च करने के कारण सवालों के घेरे में है। पूर्व राष्ट्रपति के असम दौरे और फंड को लेकर सवाल क्यों खड़े हो रहे हैं? जानिए

Kaziranga National Park President Kovind के एक दौरे के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च करता है। पूर्व राष्ट्रपति के दौरे पर खर्च की गई राशि Tiger Conservation Fund से निकाली गई, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जब असम के नेशनल पार्क पहुंचे तो अधिकारियों ने बेहिचक होकर बाघ संरक्षण फंड के पैसे खर्च कर दिए। जानिए पूरा मामला
किन चीजों पर खर्च किया गया पैसा
एक रिपोर्ट के अनुसार असम सरकार ने पिछले साल पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा के दौरान बाघ संरक्षण कोष से 1.1 करोड़ रुपये खर्च किए। इतनी राशि भोजन, टेंट, कालीन और अन्य चीजों के भुगतान के लिए खर्च की गई।
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RTI के जवाब से मिली जानकारी
सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता रोहित चौधरी की तरफ से दायर एक आरटीआई आवेदन के जवाब में असम के बाघ संरक्षण कोष से 1 करोड़ रुपये खर्च करने का मामला सामने आया है।
राष्ट्रपति के दौरे पर फाउंडेशन से अनुदान
अपने जवाब में काजीरंगा फील्ड निदेशक कार्यालय ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान 1.1 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह राशि काजीरंगा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन से अनुदान के रूप में ली गई थी।
हाथी और जीप सफारी से आते हैं पैसे
गौरतलब है कि काजीरंगा फाउंडेशन में आने वाले टूरिस्ट बड़ी संख्या में हाथी और जीप सफारी का आनंद लेते हैं। इनसे ली जाने वाली फीस से नेशनल पार्क का वित्त पोषण होता है। असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के अलावा बाघों के संरक्षण के उद्देश्य से ऐसी ही दो और संस्थाएं- मानस और नमेरी अभ्यारण्य में भी वन्य जीव संरक्षण किया जाता है।
फंड के पैसे हॉल नवीनीकरण पर भी लगाए गए
सहायता अनुदान के रूप में काजीरंगा फाउंडेशन से लिए गए धन का इस्तेमाल कहां किया गया, इस पर आरटीआई से मिले रिप्लाई में बताया गया कि पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की यात्रा के दौरान भोजन और टेंट और स्मृति चिह्न के भुगतान और हॉल नवीनीकरण के लिए किया गया था।
एक दिन का भोजन खर्च 2.43 लाख, चाय पर 50 हजार
इस मामले में एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 20 फरवरी को पूर्व राष्ट्रपति कोविंद के दौरे के दौरान भोजन पर कुल 2,43,768 रुपये खर्च किए गए। आरटीआई का जवाब दिखाता है कि 26 फरवरी को चाय के लिए 50,000 रुपये खर्च किए गए।
एयर प्यूरिफायर खरीदा, उपहार पर 6.2 लाख खर्च
एक एयर प्यूरिफायर खरीदने के लिए 97,940 रुपये खर्च किए गए, जबकि पूर्व राष्ट्रपति के लिए एक रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड (retroreflective board) और भेंट में दी गई मेमेंटो की कीमत 6.2 लाख रुपये दर्शायी गई।
RTI के करीब 10 महीने बाद सामने आई जानकारी
आरटीआई कार्यकर्ता रोहित चौधरी ने काजीरंगा क्षेत्र के निदेशक के जवाब का हवाला देते हुए पिछले महीने असम के मुख्य सचिव को कथित तौर पर फंड के डायवर्जन के बारे में लिखा था। 18 मई, 2022 को दायर आरटीआई आवेदन का जवाब हाल ही में सामने आया है।
बाघ संरक्षण कोष से पैसे खर्च किए गए
चौधरी ने असम के सचिव को लिखे पत्र में कहा, "राष्ट्रपति की यात्रा पर टाइगर फाउंडेशन के कॉर्पस से 1.1 करोड़ खर्च किए गए। इसके अलावा, सामान्य वन्यजीव कोष से भी 51 लाख रुपए खर्च किए गए।"












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