टारगेट किलिंग पर बोले राहुल गांधी-अपने ही देश में शरणार्थी बने हुए हैं कश्मीरी पंडित
कश्मीर में पंडितों को निशाना बनाकर की जा रही हत्याओं के बाद स्थानीय पंडित डर की वजह से अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं। कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर राहुल गांधी ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला और इसके लिए बीजेपी को ही जिम्मेदार ठहराया है। राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता में आने से पहले बड़ी-बड़ी बातें करने वाले देश के पीएम आज सत्ता सुख भोग रहे हैं और कश्मीरी अपने ही घर में शरणार्थी बने हुए हैं।

पीएम मोदी और केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि, इस साल, कश्मीर में 30 टार्गेट किलिंग हो चुकी हैं। पंडितों का पलायन तेज़ी से बढ़ रहा है। भाजपा ने संप्रग द्वारा किए गए अच्छे कामों को बर्बाद कर दिया है। सत्ता में आने से पहले बड़ी-बड़ी बातें करने वाले प्रधानमंत्री सत्ता भोग रहे हैं और कश्मीरी पंडित अपने ही देश में शरणार्थी बने हुए हैं।
बता दें कि, कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट्ट की 15 अक्टूबर को शोपियां जिले के चौधरीगुंड गांव में उनके पुश्तैनी घर के बाहर आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।इसके बाद 18 अक्टूबर को शोपियां में अपने किराए के घर में सो रहे मोनीश कुमार और राम सागर भी आतंकवादियों के ग्रेनेड हमले में मारे गए थे।
हाल ही में शोपियां जिले के चौधरीगुंड गांव के 10 कश्मीरी पंडित परिवार डर के कारण का अपना गांव छोड़कर जम्मू पहुंच गए हैं। गांव के लोगों ने कहा कि हाल के आतंकवादी हमलों ने उनके बीच डर पैदा हो गया है।गांव वालों ने कहा कि, इतना डर तो 1990 के दशक में आतंकवाद के सबसे कठिन दौर में भी हमें नहीं हुआ था। हम तब भी कश्मीर में रहते थे और हमने अपना घर नहीं छोड़ा था। लेकिन अब वे घाटी छोड़ने को मजबूर हैं।

इससे एक दिन पहले कांग्रेस ने मांग की थी कि मोदी सरकार अपने आठ साल के शासन के दौरान कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा पर एक श्वेत पत्र जारी करे और उनकी लक्षित हत्याओं के लिए माफी मांगे। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि, शोपियां जैसे इलाके में कश्मीरी पंडित 32 साल तक डटे रहे। लेकिन जब हम दिवाली हर्षोल्लास के साथ मना रहे थे, उसी रात शोपियां से 15 कश्मीरी पंडित परिवार अपने पुश्तैनी घर छोड़ने को मजबूर हो रहे थे।
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने 70 मंत्रियों को सपंर्क अभियान में लगा रखा है। क्या एक भी मंत्री कश्मीरी पंडितों के शिविरों में गया? अगर कोई मंत्री कश्मीरी पंडितों के यहां नहीं गया तो फिर कश्मीर में इस संपर्क अभियान का क्या मतलब है ?












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