Kashmir Terrorist Attack: चीनी ऐप्स से निर्देश, अमेरिकी हथियारों से हमला! NIA की जांच में चौंकाने वाले खुलासे
Kashmir Terrorist Attack: पहलगाम आतंकी हमले की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक आतंकवादी सीमा पार पाकिस्तान में मौजूद अपने हैंडलरों से संपर्क साधने के लिए चीनी मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग कर रहे थे।
सूत्रों ने यह भी बताया कि हमले वाले दिन क्षेत्र में एक चीनी सैटेलाइट फोन की मौजूदगी दर्ज की गई थी। अब इन दोनों गैजेट को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जांच कर रही है।

भारत में प्रतिबंधित है चीनी Apps
हुआवेई एक चीनी कंपनी है और इसके उत्पादों पर भारत में प्रतिबंध है। हुआवेई सैटेलाइट फोन पाकिस्तान या किसी अन्य देश से भारत में तस्करी कर लाए गए हैं। बता दें कि, चीनी सैटेलाइट फोन और ऐप्स भारत में प्रतिबंधित है।
अमेरिकी M4 राइफल्स का प्रयोग कर रहे हैं आतंकी
इसके अलावा जांच ऐजेंसी गोलीकांड में प्रयोग किए गए हथियार की भी जांच कर रही है। बता दें कि, पिछले दो वर्षों में जम्मू क्षेत्र में कई घातक हमले हुए हैं, जिनमें अमेरिकी निर्मित M4 राइफलों का इस्तेमाल किया गया।
वहीं हाल ही में एक महीने पहले, जम्मू के कठुआ जिले के हीरानगर इलाके में पांच पाकिस्तानी आतंकियों ने घुसपैठ कर चार जम्मू-कश्मीर पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। घटनास्थल से जो हथियार बरामद हुए उनमें भी अमेरिकी निर्मित M4 असॉल्ट राइफलें और सटीक निशाने के लिए विशेष अटैचमेंट्स शामिल थे।
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अमेरिकी हथियार आतंकियों के पास कैसे पहुंचा?
जांच ऐजेंसी ये जानने की कोशिश कर रही है कि, आतंकियों को ये अमेरिकी हथियार कैसे मिले? क्या पाकिस्तान सेना ने इन हथियारों को अमेरिका से खरीद कर स्टॉक कर लिया और इन्हें आतंकवादी संगठनों को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया।
बीबीसी की 18 अप्रैल की एक रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान द्वारा प्राप्त किए गए पांच लाख अमेरिकी हथियारों में से आधे या तो खो गए हैं, बेच दिए गए हैं या फिर आतंकवादी समूहों तक पहुँच गए हैं।
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