अपने ही लोगों के हाथों अब तक कश्मीर के 17 पुलिसकर्मी गंवा चुके हैं जान
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित की हत्या के बाद हर कोई हैरान है। श्रीनगर की जामा मस्जिद के बाहर हुई हत्या के साथ ही अब तक राज्य में 17 पुलिसकर्मियों की हत्या हो चुकी है। पिछले ही हफ्ते शुक्रवार को यहां पर एक और पुलिस ऑफिसर फिरोज अहमद डार की हत्या आतंकियों ने कर दी थी। डार एक स्टेशन ऑफिसर थे और अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में उनकी मौत हो गई थी।

आतंकी हमले में जान गंवाते पुलिसकर्मी
राज्य में सबसे ज्यादा पुलिस कर्मी अनंतनाग और कुलगाम में मारे गए हैं। फिरोज अहमद डार की हत्या अनंतनाग के थाजवारी में हुई थी। उनके साथ पांच और पुलिसकर्मी आतंकी हमले में मारे गए थे। अच्छाबल और कुलगाम में हुए आतंकी हमलों में 11 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। अनंतनाग में जो आतंकी हमला हुआ था उसकी जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली थी।

इस वर्ष हैरान करने वाले आंकड़ें
एक मई को पांच पुलिसकर्मी जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर भी शमिल था, एक आतंकी हमले में मारे गए थे। कुलगाम में आतंकियों ने बैंक की कैश वैन पर हमला किया और पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वर्ष 2016 में जम्मू कश्मीर में आतंकी वारदातों में 13 पुलिसकर्मियों की जान गई थी। लेकिन इस वर्ष का आंकड़ां काफी चौंकाने वाला है। जम्मू कश्मीर पुलिस के टॉप ऑफिसर्स ने लोगों से अपील की है कि वे उन्हें इस बात को समझना होगा पुलिस सिर्फ उनकी रक्षा में ही तैनात है।

मस्जिद के बाहर लोगों की फोटो ले रहे थे डीएसपी
पुलिस सूत्रों की ओर से बताया गया है कि जिस समय डीएसपी अयूब पंडित जामा मस्जिद के बाहर थे, लोगों ने उन्हें कुछ फोटोग्राफ क्लिक करते हुए देखा। कहा जा रहा है कि वह शब-ए-कद्र की प्रार्थना के बाद मस्जिद से बाहर आने वाले लोगों की फोटोग्राफ क्लिक कर रहे थे। जब भीड़ ने उन पर हमला किया तो उन्होंने फायरिंग की जिसकी वजह से तीन लोग घायल हो गए थे।

'कहा नरक की आग में जलेंगे हत्यारें'
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि जिन लोगों ने अयूब पंडित की हत्या की है वह नरक की आग में जलेंगे। अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूख ने भी इस घटना की निंदा की है। हुर्रियत कांफ्रेंस के मुखिया फारूक ने कहा है कि वह इस घटना से काफी दुखी हैं और इस घटना की आलोचना करते हैं।

महबूबा ने दी चेतावनी
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर की जनता को वॉर्निंग देते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर पुलिस बहुत ज्यादा धैर्य रखे हुए है क्योंकि उन्हें अपने ही लोगों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन जिस दिन उन्होंने अपना धैर्य खोया वह दिन लोगों के लिए खासा मुश्किल हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अभी समय है सुधर जाएं नहीं जो पुलिस उन्हें करारा जवाब देना शुरू कर देगी।












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