क्या पीएम मोदी ने फोटो खिंचवाने के लिए उठाया था बीच पर कूड़ा, जानिए इस तस्वीर का असली सच
नई दिल्ली। तमिलनाडु का फेमस मामल्लपुरम समुद्र तट और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों का काफी चर्चा में हैं। बीच पर जॉगिंग के साथ-साथ पीएम मोदी के साफ-सफाई का वीडियो काफी वायरल हो रहा है और लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ही एक फोटो काफी वायरल हो रहा है जिसको पीएम मोदी के मामल्लपुरम समुद्र तट पर कूड़ा उठाते हुए वीडियो से जोड़कर देखा जा रहा है। फोटो में कैमरामैन का एक ग्रुप बीच पर फोटोशूट करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक वायरल हो रहे फोटो को पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस के सांसद कार्ति चिदंबरम ने शेयर किया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर तीन फोटो शेयर किया जिसमें से दो पीएम मोदी की हैं और एक तस्वीर कैमरामैन ग्रुप की है। इस फोटो के कैप्शन में कार्ति ने 'जय श्री राम' लिखा है। वायरल हो रही तस्वीर के जरिए ऐसा कहने की कोशिश की जा रही है कि, कैमरामैन का यह ग्रुप पीएम मोदी के साथ बीच पर मौजूद था और फोटो खिंचवाने के लिए पीएम मोदी ने समुद्र तट पर कूड़ा उठाया।
दावा
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम के ट्वीट से शेयर की गई फोटो को अबतक 2,300 यूजर्स ने लाईक किया है और 800 बार फोटो को रीट्वीट किया गया है। कार्ति के फोटो से ऐसा दावा किया जा रहा है कि कैमरामैन का यह ग्रुप पीएम मोदी की टीम में शामिल है और उसके समुद्र तट पर साफ-सफाई के कार्यक्रम को शूट कर रहे हैं । बता दें, कार्ति चिदंबरम पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे हैं जो आईएनएक्स मीडिया केस में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

सच
इंडिया टुडे की एंटी फेक न्यूज टीम ने जब कार्ति के ट्वीट की जांच की तो उनके पोस्ट को भ्रामक पाया। वायरल हो रहे फोटो में कैमरामैन और पीएम मोदी के बीच पर साफ-सफाई का आपस में कोई संबंध नहीं है। कैमरामैन ग्रुप की यह फोटो 14 साल पुरानी है और यह स्कॉटलैंड के वेस्ट सैंड बीच पर एक टीवी प्रोडक्शन क्रू की टीम है। पहली नजर में देखने पर पता लगता है कि कैमरामैन की टीम विदेशी है। कार्ति के ट्वीट पर भी कुछ यूजर्स ने इस फोटो को शेयर किया है जो कोई और ही कहानी बयां करती है।

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विदेशी वेबसाइट पर मिली वायरल फोटो
और ज्यादा सर्च करने पर जांच टीम को यही फोटो एक विदेशी वेबसाइट टायस्क्रीन पर नजर आई। इस वेबसाइट पर लगी फोटो वही है जिसे कार्ति ने शेयर किया था, लेकिन उनकी फोटो क्रॉप थी जिसमें सिर्फ कैमरामैन ही नजर आ रहे हैं। वेबसाइट पर लगी पूरी फोटो में कैमरामैन के अलावा उनके पीछे पुराने यूरोपीय संरचनाओं को देखा जा सकता है जिसमें दो स्पियर्स और एक टॉवर है। ये दोनों ही स्कॉटलैंड में स्थित सेंट एंड्रयूज कैथेड्रल और सेंट रूल्स टॉवर मुरली हैं जो सैलानियों में काफी फेमस हैं।
निष्कर्ष
इंडिया टुडे की टीम ने अपनी जांच में यही निष्कर्ष पाया कि यह फोटो मामल्लपुरम समुद्र तट की नहीं है जिसे पीएम मोदी के साफ-सफाई के समय की बता कर शेयर किया जा रहा है। टीम ने साफ किया कि, पीएम मोदी के साथ कैमरामैन क्रू था या नहीं इस बात की उन्हें जानकारी नहीं है लेकिन कार्ति चिदंबरम ने जिस फोटो को शेयर किया है वह भारत की नहीं है। बाद में कार्ति चिदंबरम ने भी अपनी गलती को स्वीकर करते हुए एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने गलत फोटो का चयन कर लिया था।












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