क्या राजनीति से संन्यास लेने जा रहे येदियुरप्पा? अपनी पारंपरिक विधानसभा सीट पर बेटे को बनाया उत्तराधिकारी
नई दिल्ली, 22 जुलाई: कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों में शुक्रवार को उस वक्त खलबली मच गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अगला चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया। अब उन्होंने अपने दूसरे बेटे बीवाई विजयेंद्र को कमान सौंपी है, जो शिकारीपुरा विधानसभा क्षेत्र से उनकी जगह चुनाव लड़ेंगे। ये एक तरह से येदियुरप्पा के संन्यास का संकेत है। हालांकि उनके समर्थक लगातार उनसे राजनीति नहीं छोड़ने की अपील कर रहे हैं।

विधानसभा क्षेत्र शिकारीपुरा में आयोजित एक समारोह में मीडिया से बात करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि मैं अपना चुनावी क्षेत्र अपने बेटे विजयेंद्र के लिए छोड़ रहा हूं। इसके साथ ही मैं शिकारीपुरा की जनता से निवेदन करता हूं कि वो मेरे बेटे को ज्यादा से ज्यादा वोटों से विजयी बनाएं। मैं अगल चुनाव नहीं लड़ूंगा। इसके बाद जिला मुख्यालय शिमोगा में विजयेंद्र के समर्थकों ने जश्न मनाया। हालांकि येदियुरप्पा के कट्टर समर्थक अभी भी उनसे राजनीति में बने रहने का निवेदन कर रहे हैं। वहीं इस ऐलान के बाद विजयेंद्र ने कहा कि उनको अपने पिता का प्रस्ताव स्वीकार है। वो अपने पिता के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे और लोगों के कल्याण के लिए काम करेंगे।
शिकारीपुरा से 8 चुनाव जीते
येदियुरप्पा ने 1983 से अब तक शिकारीपुरा से आठ विधानसभा चुनाव जीते हैं। वो 1999 में केवल एक बार कांग्रेस से हारे थे। इसके अलावा उन्होंने 2014 में शिमोगा से लोकसभा का चुनाव जीता। वहीं उनके बेटे राघवेंद्र ने 2014 में शिकारीपुरा से विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की थी। पिछले साल उन्होंने मुख्यमंत्री पद भी छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने कई बार इस बात का जिक्र किया कि वो संन्यास नहीं लेंगे, लेकिन अब लग रहा कि उन्होंने रिटायरमेंट का मन बना लिया है।












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