कर्नाटक में कांग्रेस ने NDA के साथ कर दिया खेल? बीजेपी की पदयात्रा को JDS नहीं देगी समर्थन
Karnataka News: कर्नाटक में भ्रष्टाचार के आरोपों में चौतरफा घिर रही कांग्रेस की सिद्दारमैया सरकार को बीजेपी की सहयोगी जेडीएस ने खुश होने का मौका दे दिया है। पार्टी 3 अगस्त से राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा की ओर से प्रस्तावित पदयात्रा से दूर हो गई है और कहा है कि इसे नैतिक समर्थन भी नहीं देगी।
केंद्रीय मंत्री और जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को दिल्ली में कर्नाटक बीजेपी की तय पदयात्रा को समर्थन देने से मना कर दिया है। हालांकि, उन्होंने राज्य के कई इलाकों में हो रही बारिश और लोगों की परेशानी को इसका कारण बताया है, लेकिन साथ ही साथ बीजेपी नेताओं के रवैए पर उंगली उठाकर गठबंधन से अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी है।

पदयात्रा को लेकर हमारे साथ कैसा बर्ताव किया है- कुमारस्वामी
कुमारस्वामी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'जब वे (बीजेपी) हमें भरोसे में लेने के लिए तैयार नहीं हैं तो हमें उनका समर्थन क्यों करना चाहिए? वे हमें बताएं कि उन्होंने पदयात्रा को लेकर हमारे साथ कैसा बर्ताव किया है। वे क्या हासिल करना चाहते हैं? मुझे दुख हुआ, मुझे पीड़ा हुई है।'
'चुनावी गठबंधन अलग है और राजनीति अलग है'
इसके बाद भाजपा पर अपनी भड़ास निकालते हुए वे बोले, 'प्रीतम जे गौड़ा कौन है? यह वही है, जिसने एचडी देवगौड़ा परिवार को बर्बाद करने की कोशिश की थी। वे (बीजेपी वाले) उसे मंच पर लाते हैं और मेरे साथ बैठाते हैं। पेन ड्राइव (प्रज्जवल रेवन्ना मामले में) बांटने के लिए जिम्मेदार कौन है? हासन में क्या हुआ था, वो (बीजेपी) नहीं जानते? चुनावी गठबंधन अलग है और राजनीति अलग है।'
सिद्दारमैया सरकार के खिलाफ कथित घोटालों को लेकर है पदयात्रा
अभी तक यही तैयारी थी कि बेंगलुरू से मैसूर तक की एक हफ्ते की पदयात्रा में बीजेपी नेताओं के साथ कुमारस्वामी भी शामिल होने वाले थे। यह पदयात्रा मैसूर में हुए 4 हजार रुपए के कथित जमीन घोटाले (MUDA Scam) और आदिवासियों से जुड़े वाल्मीकि घोटाले के खिलाफ आयोजित की गई है।
कांग्रेस की बैठक के एक दिन बाद कुमारस्वामी को क्या हुआ?
दिलचस्प बात ये है कि मंगलवार को ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली जाकर पार्टी के शीर्ष नेताओं से इन्हीं मुद्दों पर चर्चा कर आए हैं। उसके एक दिन बाद ही कुमारस्वामी का बदला-बदला रवैया नई सियासी कयासबाजियों को जन्म दे सकता है।
राज्य की हालात की वजह से पीछे हटे?
वैसे पदयात्रा से पीछे हटने की वजह को विस्तार से बताते हुए कुमारस्वामी ने राज्य के सामने मौजूदा चुनौतियों का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा,'पूरा राज्य बारिश, भूस्खनल और फसलों की तबाही से हिला हुआ है। ऐसी मुश्किल घड़ी में अगर हम पदयात्रा करते हैं तो हमें आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस वजह से हम पीछे हट गए हैं।'
हम इस पदयात्रा को नैतिक समर्थन भी नहीं देंगे- केंद्रीय मंत्री
लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने पदयात्रा से प्रदेश के लोगों को क्या फायदा मिलेगा यह सवाल भी उठा दिया है। उनका कहना है, 'इस पदयात्रा से राज्य के लोगों को क्या फायदा मिलेगा? यहां कानूनी लड़ाई जरूरी है। यहां हमारे लिए सिर्फ राजनीति ही महत्वपूर्ण नहीं है। इसलिए हम इस पदयात्रा को नैतिक समर्थन भी नहीं देंगे। हम क्यों समर्थन दें, जब हम पर विश्वास ही नहीं है? हमारी पार्टी की ताकत बेंगलुरू से मैसूर तक है।'












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