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मैसुरू में जमीन का आवंटन सही है तो सीबीआई जांच से बच क्यों रहे हैं सिद्दारमैया?

कर्नाटक के मैसुरू में 14 बेशकीमती प्लॉट मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के परिवार को आवंटित करने का विवाद थम नहीं रहा है। मुख्ममंत्री इससे जितना निकलना चाहते हैं, बीजेपी उन्हें उससे ज्यादा घेर ले रही है।

अब सिद्दारमैया ने विपक्ष पर पलटवार करने के लिए नया दांव ये खेला है कि अपने परिवार की जमीन लेने के लिए सरकार से ही 62 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग करने लगे हैं।

siddaramaiah

कथित मैसुरू जमीन घोटाले की बीजेपी सीबीआई जांच की कर रही है मांग
मैसुरू में बेशकीमती जमीन आवंटन के मामले में भाजपा सीएम सिद्दारमैया पर लगातार हमलावर है। पार्टी किसी भी सूरत में इस कथित गैर-कानूनी जमीन आवंटन की सीबीआई से कम किसी जांच के लिए तैयार नहीं है।

कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर अशोका का कहना है कि राज्य सरकार के अधिकारी इस मामले की जांच नहीं कर सकते और न ही आरोपी को पकड़ सकते हैं। उनका यह भी कहना है कि आरोप मुख्यमंत्री पर लग रहे हैं, जिनसे राज्य के अधिकारी सवाल नहीं पूछ सकते।

मुख्यमंत्री सीबीआई जांच के लिए नहीं हैं तैयार
इसके ठीक उलट मुख्यमंत्री सीबीआई जांच के लिए कतई तैयार नहीं हैं और सिर्फ यही दलील रखने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके परिवार को जो भी जमीन आवंटित की गई है, वह बीजेपी के सरकार के दौरान ही हुई है और उसमें कोई खामी नहीं है।

कौड़ी की जमीन के बदले पॉश इलाके में प्लॉट आवंटन से जुड़ा है मामला
जबकि बीजेपी का आरोप है कि सिद्दारमैया के परिवार को मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) की ओर से शहर के बिल्कुल बाहरी इलाके की 3 एकड़ 16 गुंटास जमीन के बदले मैसूरू के पौश विजयनगर इलाके में 14 प्लॉट आवंटित किए गए और मुख्यमंत्री खुद को बचाने की कोशिशें कर रहे हैं।

भाजपा नेता अशोका के मुताबिक, 'ये बेंगलुरू के दशरहल्ली (बाहरी इलाके) की किसी जमीन के बदले एमजी रोड पर मुआवजा के रूप में प्लॉट लेने जैसा है।'

सीएम ने कैबिनेट के सामने भी पेश की सफाई!
भारतीय जनता पार्टी लगातार हमला कर रही है और कहा जा रहा है कि गुरुवार को इस विवाद के बारे में मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में भी सफाई देने की कोशिश की है। उनका तर्क था कि क्या वे सीएम हैं, सिर्फ इसलिए उन्हें मुआवजे का दावा छोड़ देना चाहिए।

बीजेपी मुख्यमंत्री के परिवार पर पहले से तय 3 लाख रुपए के मुआवजे के बदले 35 करोड़ रुपए की कीमत वाले प्लॉट लेने के आरोप लगा रही है।

10 पीढ़ियों के लिए संपत्ति जमा कर रहे सीएम- बीजेपी
विपक्ष के नेता ने एक्स पर लिखे पोस्ट में कहा है कि 'मुख्यमंत्री को लग चुका है कि सीएम के रूप में उनके अब गिने-चुने दिन रह गए हैं, इसलिए उन्होंने अपने बेटे (यतीन्द्र) का भविष्य सुरक्षित करने के लिए अंधाधुंध लूट शुरू कर दी है। एमयूडीए प्लॉट आवंटन में 4,000 करोड़ रुपए का घोटाला सबसे बड़ा है....ऐसा लगता है कि उन्होंने (मुख्यमंत्री) 10 पीढ़ियों के लिए संपत्ति जमा करने का फैसला किया है।'

एमयूडीए जमीन आवंटन के पीछे बहुत बड़ा रैकेट- नेता प्रतिपक्ष
बीजेपी नेता का आरोप है कि जैसे ही मुख्यमंत्री की पत्नी पार्वती ने आवेदन दिया, अधिकारियों ने 50:50 अनुपात के आधार पर प्लॉट आवंटित कर दिए, जिससे एमयूडीए को बहुत बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है।

'सिर्फ कांग्रेस नेताओं को ही आवंटन मिला'
अशोका के मुताबिक जमीन आवंटन के पीछे बहुत बड़ा रैकेट है। उनका कहना है कि उन्हें इसके रिकॉर्ड नहीं मिल रहे हैं। अशोका का कहना है कि बीजेपी की पूर्ववर्ती सरकार का इसमें कोई रोल नहीं था और जिसने में ये आवंटन किए हैं, उसे जरूर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, 'एमयूडीए प्लॉट के लिए 86,000 लोगों ने आवेदन किया, लेकिन सिर्फ कांग्रेस नेताओं को ही आवंटन मिला।'

सिद्दारमैया पहले ही पार्टी के अंदर कुर्सी परिवर्तन का दबाव झेल रहे हैं। पार्टी के कुछ मंत्री उपमुख्यमंत्रियों की संख्या बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं। आलाकमान की ओर से कैबिनेट में फेरबदल का दबाव अलग से है। ऐसे में जमीन घोटाले का विपक्ष का आरोप उनकी कुर्सी को अस्थिर कर रहा है।

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