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महाशिवरात्रि पर शिवभक्तों को कर्नाटक हाई कोर्ट से तोहफा, लाडले मशक दरगाह में शिवलिंग पूजा की इजाजत

Ladle Mashak Dargah: कर्नाटक हाई कोर्ट ने हिंदुओं को महाशिवरात्रि के अवसर पर अलंद में स्थित लाडले मशक दरगाह परिसर में राघव चैतन्य शिवलिंग की पूजा करने की अनुमति दे दी है। यह आदेश कर्नाटक वक्फ ट्रिब्यूनल के पहले के निर्णय को बरकरार रखते हुए दिया गया है, जिसमें स्थल पर धार्मिक अनुष्ठानों की इजाजत दी गई थी।

ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुसार मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक उर्स से संबंधित रस्में निभाने की अनुमति होगी। वहीं, हिंदू भक्तों को दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक शिवलिंग की पूजा करने की अनुमति दी गई है।

Ladle Mashak Dargah

हाई कोर्ट ने पूजा करने के लिए अधिकतम 15 लोगों को प्रवेश की इजाजत दी है और दोनों समुदायों को निर्धारित समय का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। मालम हो कि चार साल पहले असामाजिक तत्वों ने श्री राघव चैतन्य शिवलिंग को अपवित्र कर दिया था।

Ladle Mashak Dargah: साधारण पूजा करने की मिली अनुमति

दरगाह में राघव चैतन्य शिवलिंग की पूजा करने की अनुमति दिए जाने पर याचिकाकर्ता सिद्धारमैया हिरमठ ने कहा, "मैंने हाई कोर्ट में एक रिट याचिका प्रस्तुत की है, जिसमें महाशिवरात्रि पर 500 लोगों को राघव चैतन्य शिवलिंग की पूजा करने की अनुमति दी गई है, चूंकि लाडले मशक दरगाह एक विवादित स्थल है, इसलिए 2 दिनों तक सुनवाई की गई, और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने एक आयोग का गठन किया।

उन्होंन आगे कहा कि पूरी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सौंपी। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने आज दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक 15 लोगों को राघव चैतन्य शिवलिंग की पूजा करने की अनुमति दी। आज 15 लोग पूजा करने जा रहे हैं। हमें कोई समारोह या कुछ भी करने की अनुमति नहीं दी गई है, हमें साधारण पूजा करने की अनुमति मिली है।

Ladle Mashak Dargah: 2022 में उपजा था विवाद

लाडले मशक दरगाह ऐतिहासिक रूप से 14वीं सदी के सूफी संत और 15वीं सदी के हिंदू संत राघव चैतन्य से जुड़ा एक साझा उपासना स्थल रहा है। हालांकि, 2022 में धार्मिक अधिकारों को लेकर विवाद बढ़ने से सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया था।

धारा 144 लागू, सुरक्षा कड़ी

इस वर्ष किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे अलंद में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है, जिससे लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 12 जांच चौकियां बनाई गई हैं और निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक ईशा पंत ने बताया कि प्रशासन ने किसी भी दुकानदार को दुकानें बंद करने के लिए बाध्य नहीं किया, लेकिन कई स्थानीय व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने व्यवसाय बंद कर दिए हैं।

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