कर्नाटक में 'डिजिटल जिहाद' का खुलासा! पाकिस्तान हैंडलर से संपर्क में थे दो युवक, ATS ने दबोचे
Karnataka Exposed Digital Jihad: कर्नाटक पुलिस ने शुक्रवार (5 जून) को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाली साजिश के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पाकिस्तान में रहने वाले एक व्यक्ति के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के जरिए भारत में गड़बड़ी फैलाने, शांति भंग करने और युवाओं को इकट्ठा करने की कथित साजिश रच रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तुमकुरु के श्रीराम नगर निवासी 23 वर्षीय अल्लाह बख्श और दावणगेरे के 23 वर्षीय राजमिस्त्री जमीर खान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह मामला इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की निगरानी और स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई का नतीजा है।

कैसे उठा साजिश से पर्दा?
4 जून को मिली विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर क्याथसंद्रा पुलिस स्टेशन के PSI प्रसन्ना कुमार ने मौलाजान नामक व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया। वह तुमकुरु के क्याथसंद्रा इलाके में कडेयापेटे स्थित एक मटन की दुकान पर काम करता था।
मौलाजान के मोबाइल फोन की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस के मुताबिक, वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए पाकिस्तान में रहने वाले राणा बाई नामक व्यक्ति से हिंदी में नियमित बातचीत कर रहा था। चैट में मुस्लिम युवाओं को इकट्ठा करने, भारत में अशांति फैलाने और राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता तथा संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों की चर्चा थी।
तुमकुरु जिला पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि इन बातचीत और दर्ज शिकायत के आधार पर तुमकुरु टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान दावणगेरे के जमीर खान का भी लिंक सामने आया, जो आरोपियों के संपर्क में था।
साजिश की गंभीरता समझें...
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव ने आरोपियों को तुमकुरु से लोगों का इंतजाम करने का निर्देश दिया था। यह नेटवर्क अगले महीने पुणे में एक हत्या की साजिश में भी शामिल था। इसके अलावा, बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में बीजेपी दफ्तर के पास हुई घटनाओं और कोयंबटूर ब्लास्ट केस जैसे धमाकों से जुड़े काम भी उन्हें सौंपे गए थे।
IB लगभग एक महीने से इन संदिग्धों पर नजर रखे हुए था। खुफिया जानकारी की पुष्टि के बाद स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की गई। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने, इसके वित्तीय स्रोतों और चरमपंथी संगठनों से संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं।
आरोपी कौन हैं?
- अल्लाह बख्श (23 वर्ष): तुमकुरु का रहने वाला। पुलिस जांच में उसका इंस्टाग्राम अकाउंट मुख्य सबूत बना।
- जमीर खान (23 वर्ष): दावणगेरे का राजमिस्त्री। जांच के दौरान उसके संपर्क में आने से उसकी भी गिरफ्तारी हुई।
दोनों युवा उम्र के हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए आसानी से प्रभावित होने की ओर इशारा करता है।
सोशल मीडिया: चरमपंथ की नई जंग
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (खासकर इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, टेलीग्राम) पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के लिए युवाओं को रेडीकलाइज करने और साजिश रचने का आसान माध्यम बन गए हैं।
भारत में पिछले कई वर्षों में ऐसे दर्जनों मामले सामने आए हैं जहां पाकिस्तानी हैंडलर्स फर्जी आईडी, आकर्षक वीडियो और नकली नैरेटिव के जरिए युवाओं को लुभाते हैं। वे अक्सर धार्मिक भावनाओं को भड़काते हैं, "इस्लाम खतरे में है" जैसे प्रोपगैंडा फैलाते हैं और छोटे-छोटे कामों से शुरू करके बड़े अपराधों की ओर ले जाते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चुनौतियां:
- क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल कम्युनिकेशन को ट्रैक करना
- एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर निगरानी
- युवाओं में जागरूकता की कमी
- फेक न्यूज और प्रोपगैंडा का तेजी से फैलना
केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में IT Rules को सख्त किया है और सोशल मीडिया कंपनियों को जवाबदेह बनाया है। फिर भी, पाकिस्तान की ISI जैसी एजेंसियां लगातार नए तरीके आजमा रही हैं।
ISIS की पहली पसंद कर्नाटक ?
कर्नाटक में यह पहला ऐसा मामला नहीं है। राज्य में पहले भी कई युवाओं को इस्लामिक स्टेट (ISIS) या पाकिस्तान समर्थित मॉड्यूल्स से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। कोयंबटूर कार बम ब्लास्ट, विभिन्न जगहों पर लो-इंटेंसिटी विस्फोट और भीड़ भड़काने की घटनाएं इसकी गंभीरता दर्शाती हैं।
मल्लेश्वरम बीजेपी ऑफिस के पास की घटनाएं और पुणे जैसी संवेदनशील जगहों पर साजिशें दर्शाती हैं कि लक्ष्य राजनीतिक ध्रुवीकरण और सामाजिक अस्थिरता पैदा करना है।
कानूनी पहलू पर एक नजर...
- आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (BNS) और UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
- देशद्रोह और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी धाराएं
- आतंकी गतिविधियों में साजिश रचने
- अवैध समूहों से संपर्क
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। आगे की जांच में उनके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट्स, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन्स और अन्य सहयोगियों की डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।
यह गिरफ्तारी सिर्फ दो युवकों की नहीं, बल्कि पाकिस्तान से चल रही हाइब्रिड वॉरफेयर का मुकाबला करने की दिशा में एक कदम है। जहां एक तरफ सीमा पर सुरक्षा बल सतर्क हैं, वहीं अंदरूनी मोर्चे पर खुफिया एजेंसियों और पुलिस की भूमिका निर्णायक है। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और अगर कोई और लिंक सामने आएगा तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या पोस्ट की सूचना तुरंत पुलिस को दें।













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