Karnataka Elections : मतदाताओं को पैसों का ऑफर ! BJP नेता बोले- 6000 रुपये एक वोट के बदले, पार्टी का इनकार
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू हो चुके हैं। इसी बीच एक भाजपा नेता पर वोट के लिए पैसों का प्रलोभन देने के आरोप लगे हैं। हालांकि, पार्टी आलाकमान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बाकी है। भाजपा और कांग्रेस के नेता पार्टी के फेवर में प्रचार करने की शुरुआत कर चुके हैं। इसी बीच एक भाजपा नेता पर मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसों का प्रलोभन देने का गंभीर आरोप लगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेता रमेश जर्किहोली ने कहा कि बीजेपी को वोट करने पर एक वोट के बदले 6000 रुपये देंगे। हालांकि, भाजपा ने ऐसे आरोपों को खारिज किया है।
पहले भी विवादों में रहे हैं पूर्व मंत्री रमेश
रमेश जर्किहोली पर आरोप है कि उन्होंने बेलगावी में एक रैली के दौरान वोट के बदले पैसे देने वाली टिप्पणी की। रमेश के बयान के बाद कर्नाटक में सत्तारुढ़ भाजपा की किरकिरी हो रही है। शर्मसार करने के साथ-साथ चुनाव से ठीक पहले विवाद खड़ा करने वाले इस बयान के बाद पार्टी ने खुद को इससे अलग करने की घोषणा की। पूर्व जल संसाधन मंत्री रमेश जर्किहोली के बयान पर एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने घोषणा की है कि मई में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रति वोट 6,000 रुपये देगी। बता दें कि सेक्स स्कैंडल में कथित भूमिका के लिए 2021 में रमेश को इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा था।
बेलगावी से निर्वाचित विधायक हैं पूर्व मंत्री
खबर के मुताबिक रैली का आयोजन रमेश के समर्थकों ने बेलगावी के सुलेबावी गांव में किया था। कांग्रेस विधायक लक्ष्मी हेब्बलकर पर जुबानी हमले के दौरान पूर्व मंत्री ने वोट के बदले पैसों वाली बात कही। बता दें कि कांग्रेस की MLA लक्ष्मी हेब्बलकर बेलगावी जिले से बेलागवी ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि रमेश बेलगावी के ही गोकक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कांग्रेस विधायक गिफ्ट बांट रहे, 6000 रुपये...
रमेश जर्किहोली ने कहा, "मैं देख रहा हूं कि वह (लक्ष्मी हेब्बलकर) निर्वाचन क्षेत्र में अपने वोटर्स के बीच गिफ्ट बांट रही हैं। अब तक, उन्होंने लगभग 1,000 रुपये मूल्य वाले किचेन उपकरण जैसे कुकर और मिक्सर बांटे होंगे। वह उपहार का एक और सेट दे सकती हैं। इन सभी को मिलाकर लगभग ₹ 3,000 खर्च हो सकते हैं। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अगर हमने आपको 6,000 रुपये नहीं दिए तो हमारे उम्मीदवार को वोट मत देना।"
भाजपा रमेश के बयान पर क्या बोली ?
कर्नाटक के सिंचाई मंत्री गोविंद करजोल ने तुरंत बयान जारी कर वोट के बदले पैसे ऑफर करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी में इस तरह की चीजों के लिए कोई जगह नहीं है। हमारी पार्टी एक विचारधारा पर बनी है, जिसके कारण यह देश की सत्ता में आई है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी बार स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में आई है।" मंत्री ने कहा, "2023 के चुनावों में भी हम स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में आएंगे।" उन्होंने कहा, "अगर कोई व्यक्ति बयान देता है तो यह पार्टी का बयान नहीं है। यह उनका निजी मामला है।"
कांग्रेस ने कहा- ढाई लाख वोटर्स पर नजरें, कार्रवाई करे आयोग
इसी बीच कांग्रेस ने मांग की है कि चुनाव आयोग पूर्व मंत्री की टिप्पणियों का संज्ञान ले। कांग्रेस विधायक प्रियांक खड़गे ने कहा, "यह भाजपा में भ्रष्टाचार के स्तर को दिखाता है। चुनाव आयोग या आईटी या ईडी इस पर ध्यान देकर स्वत: संज्ञान क्यों नहीं ले रहे हैं?" प्रियांक कांग्रेस पार्टी के संचार प्रभारी भी हैं। उन्होंने कहा, इस क्षेत्र में लगभग ढाई लाख मतदाता हैं।
आचार संहिता लागू नहीं, लेकिन प्रतिबंध...
कांग्रेस एमएलसी नागराज यादव ने कहा, "रमेश ने जो कहा है वह असंवैधानिक है। आचार संहिता अभी तक लागू नहीं हुई है। एक बार जब ऐसा हो जाता है, अगर इस तरह के बयान दोहराए जाते हैं, तो उन्हें या भाजपा के किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "भाजपा के सभी विधायक 40 प्रतिशत भ्रष्टाचार करके ही पार्टी में जीवित हैं। उन्होंने रिश्वत के माध्यम से पर्याप्त राशि एकत्र की है। भाजपा अब चुनावों के दौरान भी ऐसा ही करने की योजना बना रही है। मैं चुनाव आयोग से इस मामले को देखने की मांग करता हूं।"
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Karnataka Elections के समीकरण
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बारे में यह भी दिलचस्प है कि एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार के निर्वाचित होने के एक साल बाद ही सरकार अल्पमत में आ गई थी। इसके बाद भाजपा 2019 में सत्ता में आई। भाजपा लगातार दूसरे कार्यकाल की उम्मीद कर रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अगुवाई वाली कर्नाटक की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोपों से जूझ रही है। पिछले साल, विपक्षी दल कांग्रेस ने इन आरोपों को उजागर करने के लिए PayCM अभियान शुरू किया था। आरोप था कि सत्तारूढ़ भाजपा बिल्डरों, ठेकेदारों और अन्य लोगों से 40 प्रतिशत कमीशन वसूल रही थी। इन आरोपों के बाद बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हुआ। CM पर आरोप के कारण कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।












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