Karnataka Elections: कांग्रेस ने जारी की 42 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, बागियों पर जताया भरोसा
Karnataka Elections: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। पार्टी ने अब 42 प्रत्याशियों की नई लिस्ट जारी की है।

कर्नाटक में चुनावी घमासान जारी है। इस बीच कांग्रेस ने 42 उम्मीदवारों की नई लिस्ट जारी की, जिसमें कई अहम नाम हैं। ये पार्टी की दूसरी लिस्ट है। इससे पहले की लिस्ट में 124 प्रत्याशियों के नाम थे।
कांग्रेस की नई लिस्ट को देखने से पता चला कि उसने बागियों पर भरोसा किया है। इस लिस्ट में कुल 42 प्रत्याशी हैं, जिसमें बीजेपी छोड़ने वाले 3 और जेडीएस से कांग्रेस में आए एक नेता को पार्टी ने टिकट दिया।
पार्टी ने बीजेपी के पूर्व एमएलसी बाबूराव चिंचनसुर को गुरमितकल से मैदान में उतारा, जहां उन्होंने तीन बार विधायक के रूप में काम किया है। इसके अलावा बादामी से भीमसेन बी चिम्मन्नकट्टी को मैदान में उतारा गया, जहां पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने 2018 में चुनाव लड़ा था।
वहीं हुल्लप्पा वाई मेटी बागलकोट से, पी रविकुमार मांड्या से और ए आर कृष्ण मूर्ति कोल्लेगल (एससी) से चुनाव लड़ेंगे। सूची में शामिल अन्य नामों में बादसाहेब डी पाटिल (कित्तूर), रामप्पा बलप्पा तिम्मापुर (मुधोल), अब्दुल हमीद काजासाहेब मुश्रीफ (बीजापुर शहर), वी रघुनाथ नायडू (पद्मनाभ नगर), केशव राजन्ना बी (येलहंका), एस बलराज गौड़ा (यशवंतपुरा) का नाम शामिल है।
पहली लिस्ट में भी थे कई बड़े नाम
इससे पहले पहली लिस्ट में वरुणा से सिद्धारमैया, कनकपुरा से डीके शिवकुमार, कोराटागेरे से जी परमेश्वर, बाबलेश्वर से एमबी बाटिल को टिकट मिला था। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को चितापुर से उतारा गया है।
राहुल संभालने जा रहे मोर्चा
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार में लगने जा रहे हैं। वो 9 अप्रैल को कोलार में जनसभा करेंगे। ये वही जगह है, जहां 2019 में उन्होंने 'मोदी सरनेम' को लेकर विवाविद बयान दिया था। इस पर उन्हें दो साल की सजा हुई और उनकी सांसदी चली गई।
बहुमत पाने की कोशिश
कर्नाटक विधानसभा में 224 सीटें हैं, जिस पर एक साथ 10 मई को चुनाव होंगे, जबकि 13 मई को रिजल्ट आएगा। कांग्रेस ने पिछली बार 80 सीटें जीती थीं, लेकिन जेडीएस के साथ गठबंधन कर उसे सीएम की कुर्सी देनी पड़ी। हालांकि ये सरकार ज्यादा दिन नहीं चली। इस बार पार्टी का मकसद पूर्ण बहुमत हासिल करना है।












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