Karnataka Election 2023: ऐसा रहा 1952 से कर्नाटक का राजनीतिक सफर, किस पार्टी ने दिखाया दमखम और कौन हुई धड़ाम?
karnataka election 2023: कर्नाटक चुनाव के रिजल्ट आ रहे हैं। ऐसे में चलिये बात करते हैं कि बीते सालों में राज्य का राजनीतिक इतिहास कैसा रहा है।

Karnataka Chunav Result: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के फाइनल नतीजे बस कुछ ही देर में सबके सामने होंगे। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस आगे बढ़ती नजर आई। पार्टी के सभी बड़े नेता आगे चल रहे हैं। ऐसे में चलिये बात करते हैं राज्य में अलग-अलग पार्टियों के अब तक के सफर के बारे में।
हर कोई अपनी नजरें कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों पर टिकाए बैठा है। राज्य में पूर्ण रूप से कांग्रेस बहुमत से आती दिख रही है। वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी अपना दबदबा बनाए हुए है। बीते कुछ 50-60 सालों में कर्नाटक का राजनीतिक इतिहास काफी हद तक बदला है। ऐसे में बात करते हैं राजनीतिक दलों का इन सालों में कैसा प्रदर्शन रहा है और कौन सी पार्टी कितनी सीटें पाकर सत्ता में बरकरार रही।
1952 से 2023 तक कर्नाटक में राजनीतिक दलों का प्रदर्शन
| साल | पार्टी | सीट |
| 1952-57 | कांग्रेस | 147 |
| 1957-62 | कांग्रेस | 133 |
| 1962-67 | कांग्रेस | 151 |
| 1967-72 | कांग्रेस | 152 |
| 1972-78 | कांग्रेस | 95 |
| 1978-83 | जनता पार्टी | 111 |
| 1983-85 | कांग्रेस | 119 |
| 1985-89 | कांग्रेस | 94 |
| 1989-89 | कांग्रेस | 92 |
| 1989-94 | कांग्रेस | 79 |
| 1994-99 | भाजपा | 110 |
| 1999-2004 | कांग्रेस | 115 |
| 2004-2008 | कांग्रेस | 104 |
| 2008-2013 | कांग्रेस | 136 |
| 2013-2018 | कांग्रेस | 136 |
बात अगर राज्य में बीजेपी की पकड़ की करें, तो साल 2018 में भाजपा सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी थी। वोट के मामले में कांग्रेस दूसरे तो जेडीएस तीसरे नंबर पर रही थी। इस विधानसभा चुनाव में किसी को भी बहुमत नहीं मिला था।
इसके बाद बहुमत की स्पीड कम होते देख कांग्रेस और जेडीएस ने हाथ मिलाया था। इसके बाद राज्यपाल वजुभाई से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया गया। भाजपा की सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद एचडी कुमार स्वामी की सरकार बनी। ऐसे में सियासी खेल यहां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था।












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